महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय, बरेली में आईआईटी रोपड़ के सहयोग से ‘ड्रीम्स’ शोध परियोजना की प्रगति समीक्षा कुलपति प्रोफेसर केपी सिंह की अध्यक्षता में संपन्न

बरेली, 09अप्रैल। महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय, बरेली में आईआईटी रोपड़ के सहयोग से अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन द्वारा ‘पेयर योजना’ के अंतर्गत स्वीकृत शोध परियोजना ‘ड्रीम्स’ का क्रियान्वयन किया जा रहा है। उक्त परियोजना भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय की एक महत्वाकांक्षी परियोजना है। इस परियोजना में विश्वविद्यालय एवं आईआईटी रोपड़ के अलावा विभिन्न प्रदेशों के छह अन्य विश्वविद्यालय भी शामिल हैं।

उक्त शोध परियोजना का प्रमुख उद्देश्य उन्नत मैटेरियल का विकास करना है, जिससे देश की ऊर्जा एवं सुरक्षा के क्षेत्रों में आवश्यकताओं को पूरा करने में सहयोग मिल सके तथा रेयर अर्थ मैटेरियल पर निर्भरता को कम किया जा सके।
परियोजना के प्रमुख अन्वेषक विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर के.पी. सिंह हैं। उनके अतिरिक्त विश्वविद्यालय के छह अन्य शिक्षक भी सह-प्रमुख अन्वेषक के रूप में परियोजना से जुड़े हुए हैं। परियोजना पर कार्य हेतु पाँच अनुसंधान कर्मियों की नियुक्ति की गई है, जिनमें डॉ. धर्मेन्द्र सिंह राघव तथा डॉ. कुमकुम गंगवार रिसर्च एसोसिएट के रूप में, एवं नितिन रत्नाकर, विशेष गंगवार तथा सोनाली सिंह प्रोजेक्ट एसोसिएट के रूप में कार्यरत हैं।
कल दिनांक 8 अप्रैल को परियोजना के प्रमुख अन्वेषक कुलपति प्रोफेसर के.पी. सिंह द्वारा परियोजना की प्रगति समीक्षा की गई। समीक्षा बैठक में प्रोफेसर नवीन कुमार एवं डॉ. ब्रजेश कुमार के साथ-साथ पाँचों अनुसंधान कर्मी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान सभी पाँच अनुसंधान कर्मियों द्वारा अब तक किए गए कार्यों की पॉवर पॉइंट प्रेजेंटेशन प्रस्तुत की गई तथा आगे की कार्य योजना रखी गई।

कुलपति महोदय ने कार्य की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए नवाचार पर विशेष जोर दिया। उन्होंने ऐसे शोध कार्यों को करने का मार्गदर्शन दिया जिसका उपयोग देश की ऊर्जा एवं सुरक्षा आवश्यकताओं को पूर्ण करने तथा रेयर अर्थ मैटेरियल पर निर्भरता कम करने में प्रभावी हो। साथ ही, उन्होंने आगे की कार्य योजना पर महत्वपूर्ण सुझाव देते हुए आवश्यक उपकरणों की खरीदारी हेतु प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।
सभी शोध कर्मियों एवं सह-प्रमुख अन्वेषकों ने कुलपति महोदय के मार्गदर्शन के अनुरूप शोध परियोजना के उद्देश्यों को प्राप्त करने हेतु प्रतिबद्धता व्यक्त की।
बरेली से अखिलेश चन्द्र सक्सेना की रिपोर्ट
