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विधि विभाग एमजेपी रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय में शोधार्थी राष्ट्र वर्धन का अंतिम वायवा पीएचडी प्रस्तुतीकरण संपन्न

बरेली, 09 अप्रैल। विधि विभाग एमजेपी रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय बरेली में शोधार्थी राष्ट वर्धन का अन्तिम पीएचडी प्रस्तुतीकरण कार्यकम कल संपन्न हुआ। प्रस्तुतीकरण में एक्सटर्नल परीक्षक के रूप में,प्रोफेसर सी. पी.सिंह, फॉर्मर संकाय अध्यक्ष विधि विभाग लखनऊ विश्वविद्यालय , शोधार्थी सुपरवाइजर विभागाध्यक्ष/ रिसर्च कॉर्डिनेटर प्रो अमित सिंह, प्रो वी . के . गुप्ता, एसोसिएट प्रो.डॉ अरुण प्रकाश सिंह उपस्थित रहे।

सभी अतिथिगण का स्वागत पुष्प गुच्छ और शॉल भेंट कर किया गया।

वायवा प्रेजेंटेशन शोधार्थी राष्ट्र वर्धन ने शीर्षक सिक्योर्ड साइबर स्पेस : एन एनालिसिस ऑफ़ द राइट् टू इंटरनेट एक्सेस एंड इट्स इंप्लीकेशन फॉर साइबर सिक्योरिटी पर दिया। शोधार्थी ने इंटरनेट शटडाउन एवं साइबर सिक्योरिटी को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव दिए । जिनमें डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाना, लोगों को एक समान स्पीड में इंटरनेट उपलब्ध कराना, नए साइबर अपराधों की पहचान व उसे रोकने के लिए जागरूकता अभियान, विधिक मशीनरी द्वारा त्वरित उपचार , साइबर सिक्योरिटी केलिए सरकार द्वारा पीपीपी मॉडल अपनाए जाने,इंटरनेट शटडाउन को निवारक कार्यवाही के रूप मे लास्ट ऑप्शन माने जाने तथा इंटरनेट एजुकेशन को प्राथमिक शिक्षा में शामिल किए जाने के महत्वपूर्ण एवं उपयोगी सुझाव प्रस्तुत किए शोधार्थी द्वारा शोध में इंटरनेट शटडाउन को गवर्न करने के लिए कंप्रिहेंसिव लॉ बनाने एवं इंटरनेट शटडाउन के जुडिशियल रिव्यु का महत्वपूर्ण सुझाव भी अपने शोध में प्रस्तुत किया। शोध सुपरवाइजर प्रोफेसर अमित सिंह विभागाध्यक्ष विधि विभाग के सुपरविजन में किया है। इस अवसर पर विधि विभाग के शिक्षक डॉ शहनाज अख्तर, डॉ लक्ष्मी देवी , डॉ प्रवीण कृष्ण चौहान ,नईमुद्दीन ,प्रेक्षा सिंह , अमित कुमार सिंह, निधि शंकर ज्योति मिश्रा,डॉ सचिन रस्तोगी, तथा रिसर्च स्कॉलर राष्ट्र वर्धन, शैलेंद्र सिंह ,श्रद्धा स्वरूप एवं एल एल एम की छात्र-छात्राएं और विधि विभाग के अन्य कर्मचारी गुलाब सिंह ,राम वचन ,मोहित आदि सभी उपस्थित रहे।

बरेली से अखिलेश चन्द्र सक्सेना की रिपोर्ट

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