गोंडा में करंट से दर्दनाक हादसा: पत्रकार रंजीत तिवारी की मौत, तेज हवा में बिजली तार पेड़ से टकराया


गोंडा जिले के पथवलिया क्षेत्र में विद्युत दुर्घटना में एक पत्रकार की दर्दनाक मौत हो गई। ‘हिंदुस्तान’ समाचार पत्र के रिपोर्टर रंजीत तिवारी पुत्र राम बरन तिवारी की मौके पर ही मृत्यु हो गई। घटना के बाद इलाके में भारी आक्रोश और असंतोष का माहौल देखने को मिला।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचा प्रशासन, जांच के आदेश
घटना की सूचना मोबाइल फोन पर सुबह 9 बजकर 16 मिनट पर संबंधित अधिकारी को मिली। सूचना के बाद विद्युत सुरक्षा निदेशालय को जानकारी दी गई और तत्काल जांच शुरू करने का अनुरोध किया गया। मौके पर बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
तेज हवा में तार पेड़ से टकराया, स्पार्किंग के बाद टूटा तार
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आवास के सामने से गुजर रही 11 केवी गोण्डा नार्थ फीडर की पुरानी बिजली लाइन तेज हवा के कारण प्रभावित हुई। बताया गया कि लाइन का एक फेज जंगल जलेबी के पेड़ के संपर्क में आ गया, जिससे स्पार्किंग होने लगी। इसी दौरान रंजीत तिवारी वीडियो बना रहे थे, तभी तार टूटकर उनके ऊपर गिर गया और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
पुरानी लाइन और पेड़ों की मौजूदगी बनी जोखिम की वजह
जांच में यह भी सामने आया कि यह लाइन लगभग तीन दशक पुरानी है और ज्वाइंटेड पोल पर आधारित है। अधिकारियों के अनुसार लाइन की ग्राउंड क्लियरेंस मानक के अनुसार पाई गई, लेकिन आसपास पेड़ों की मौजूदगी से खतरा बना हुआ था।

रिपोर्ट में बताया गया कि लाइन के आसपास स्थित पेड़ों की छंटाई का कार्य पहले भी किया गया था, लेकिन एक विशेष पेड़—जंगल जलेबी—की कटाई स्थानीय विरोध के कारण नहीं हो सकी। यह पेड़ लाइन के बेहद करीब स्थित था, जिससे बार-बार संपर्क की स्थिति बन रही थी।
शटडाउन के दौरान भी नहीं हो सकी समस्या का स्थायी समाधान
अधिकारियों के अनुसार 9 अप्रैल को फीडर का शटडाउन लेकर पेड़ों की छंटाई की गई थी, लेकिन जंगल जलेबी के पेड़ को नहीं हटाया जा सका। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि इस पेड़ को हटाए बिना समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है।
ट्रिपिंग सिस्टम सही, लेकिन स्थानीय बाधा बनी बड़ी चुनौती
जांच में यह पाया गया कि फीडर की ट्रिपिंग प्रणाली ठीक से काम कर रही थी, लेकिन पेड़ और तार की निकटता के कारण खतरा लगातार बना हुआ था। अधिकारियों का कहना है कि स्थानीय विरोध के कारण आवश्यक कार्रवाई पूरी नहीं हो सकी।
मौके पर तनाव, प्रशासनिक टीम ने संभाला हालात
घटना के बाद मौके पर भारी भीड़ जुट गई और आक्रोश का माहौल बन गया। विद्युत विभाग और प्रशासन की टीम ने स्थिति को संभाला और आगे की जांच प्रक्रिया शुरू की।
