“उन्होंने बिल पढ़ा नहीं होगा या गलत सूचना दी गई”: महिला आरक्षण पर मायावती के समर्थन पर अखिलेश यादव का तीखा पलटवार

लखनऊ: समाजवादी पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बसपा प्रमुख मायावती के महिला आरक्षण से जुड़े विशेष सत्र के समर्थन पर टिप्पणी करते हुए राजनीतिक माहौल गरमा दिया। अखिलेश यादव ने कहा कि या तो मायावती ने पूरा बिल नहीं पढ़ा होगा या फिर उन्हें भारतीय जनता पार्टी की ओर से गलत जानकारी दी गई होगी।

मायावती ने विशेष सत्र का किया था समर्थन
दरअसल, मायावती ने हाल ही में सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए उत्तर प्रदेश विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र का स्वागत करते हुए महिला आरक्षण को लेकर अपनी सहमति जताई थी। उन्होंने 33 प्रतिशत महिला आरक्षण को लंबे समय से लंबित और चिंताजनक मुद्दा बताया था और इसके लागू न हो पाने पर सवाल उठाए थे।
अखिलेश यादव का भाजपा पर हमला
प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक ताकतें देश के संविधान को कमजोर करने का प्रयास कर रही हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी सत्ता में आने पर लुम्बिनी और सारनाथ के विकास के लिए विशेष योजनाएं लागू करेगी।
उन्होंने कुशीनगर की मैत्रेय परियोजना का भी जिक्र किया और कहा कि समाजवादी सरकार के दौरान जमीन अधिग्रहण और मुआवजा प्रक्रिया पूरी की गई थी, लेकिन बाद में परियोजना को अधर में छोड़ दिया गया।
योगी सरकार पर भी साधा निशाना
अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार बुलडोजर नीति और दमनकारी रवैये के साथ काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार कई योजनाओं का उपयोग अपने करीबियों को फायदा पहुंचाने के लिए कर रही है।

विकास और योजनाओं पर सरकार को घेरा
सपा अध्यक्ष ने स्मार्ट मीटर, गंगा एक्सप्रेसवे, अयोध्या मास्टर प्लान और कानून व्यवस्था जैसे मुद्दों को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं में पारदर्शिता की कमी है और आम जनता को इसका लाभ नहीं मिल रहा है।
योगी का विपक्ष पर पलटवार
इससे पहले विधानसभा में महिला आरक्षण पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर निशाना साधा था। उन्होंने दोनों दलों को महिला विरोधी बताते हुए कहा था कि इन्होंने हमेशा जनकल्याणकारी फैसलों का विरोध किया है।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
महिला आरक्षण और विशेष सत्र को लेकर सत्ता और विपक्ष के बीच बयानबाजी तेज हो गई है, जिससे उत्तर प्रदेश की राजनीति में नया सियासी टकराव देखने को मिल रहा है।
