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अपर निदेशक पशुपालन/नोडल अधिकारी ने बरेली मंडल के गौ आश्रय स्थलों की समीक्षा, फंड रिक्वेस्ट समय से पोर्टल पर अपलोड करने के दिए निर्देश

बरेली, 07 मई।अपर निदेशक पशुपालन विभाग/नोडल अधिकारी डॉ0 संजय श्रीवास्तव की अध्यक्षता में मण्डल स्तरीय अनुश्रवण, मूल्यांकन एवं समीक्षा समिति एवं निराश्रित गोवंश संरक्षण हेतु संचालित गौ आश्रय स्थलों के संचालन प्रबंधन तथा संरक्षित गोवंश के भरण-पोषण हेतु भूसा संग्रहण एवं हरा चारा उत्पादन के पर्यवेक्षण एवं मूल्यांकन के सम्बन्ध में बैठक विकास भवन स्थित सभागार में सम्पन्न हुई।

बैठक में अपर निदेशक पशुपालन/नोडल अधिकारी ने बरेली मण्डल के गो आश्रय स्थलों की समीक्षा करने के उपरान्त निर्देश दिये कि गो आश्रय स्थलों में संरक्षित गोवंश के भरण पोषण हेतु फण्ड रिक्वेस्ट समय से पोर्टल पर अपलोड किये जायें। उन्होंने कहा कि मा० मुख्यमंत्री जी निराश्रित गोवंश सहभागिता योजना के अन्तर्गत लाभार्थियों का सत्यापन व फण्ड रिक्वेस्ट समय से पोर्टल पर अपलोड किये जायें, जिससे लाभार्थी के भुगतान में विलम्ब न हो। साथ ही कुपोषित परिवारों को सहभागिता योजना से जोड़ने के भी निर्देश मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारियों को दिये। उन्होंने समस्त मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए कि चारा विकास नीति के अन्तर्गत नेपियर घास उत्पादन हेतु शासनादेश अनुसार कार्यवाही करते हुये गो आश्रय स्थल से संबद्ध चारागाह की भूमि पर नेपियर रूट के सत्यापन किए जाएं।

उन्होंने समस्त गो आश्रय स्थलों को सीसीटीवी कैमरे से आच्छादित करने एवं उक्त सी.सी.टी.वी. कैमरों का एक कन्ट्रोल रूम जिला स्तर पर बनाया जाने के निर्देश दिये, जिससे गौ आश्रय स्थलों की सतत निगरानी की जा सके। उन्होंने समस्त मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया कि आगामी समय में अलनीनों प्रभाव के दृष्टिगत सूखे की संभावित स्थिति को देखते हुए भूसा, पशु आहार एवं हरे चारे की पर्याप्त व्यवस्थायें की जाये तथा गौ आश्रय स्थलों में चारे, ताजा पानी, पशु आहार के साथ-साथ लू/गर्मी से बचाव की पर्याप्त व्यवस्थायें सुनिश्चित की जाये। साथ ही आगामी ग्रीष्म ऋतु में गोवंशों को गर्मी से बचाव हेतु गौशाला में टाट के पर्दे, पानी की समुचित व्यवस्था, टीनशेड की गोबर से लिपाई आदि कार्यों के पर्यवेक्षण हेतु मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारियों को निर्देशित किया गया। उन्होंने दान दाताओं से भूसा दान में प्राप्त करने तथा गौ आश्रय स्थलों में भूसा बैंक बनाकर भूसा संरक्षण के भी निर्देश दिये, जिससे गोवंशों को पर्याप्त मात्रा में वर्ष भर उत्तम गुणवत्ता वाला हरा चारा व भूसा प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि अस्थाई/स्थाई भूसा बैंकों तथा आपूर्तिकर्ताओं के भूसा संग्रह स्थल पर बोर्ड लगाकर उस पर भूसा निराश्रित गोवंश के उपयोग हेतु पशुपालन विभाग द्वारा संरक्षित/संग्रहित की टिप्पणी अंकित की जाये। साथ ही प्रत्येक जनपद में एक वर्ष की आवश्यकता के सापेक्ष भूसा संग्रहण किया जाये। उन्होंने कब्जा युक्त चारागाह/ गोचर भूमि को कब्जा मुक्त कराकर हरा चारा बोने हेतु उपजिलाधिकारी एवं जिला कृषि अधिकारी को निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि जिला वन अधिकारी से समन्वय स्थापित कर प्रत्येक गौ आश्रय स्थल में छायादार वृक्षों/फॉडर वृक्षों का वृक्षारोपण शीघ्र अति शीघ्र कराये, जिनकी सुरक्षा हेतु ट्री-गार्ड भी लगाये जाएं।

बैठक में अपर निदेशक पशुपालन विभाग डा० मदन पाल सिंह, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी बरेली, बदायूँ, पीलीभीत एवं शाहजहांपुर, जनपद बरेली के गौशाला नोडल अधिकारी डॉ0 राकेश कुमार गंगवार, संयुक्त निदेशक पैथोलॉजिस्ट बरेली, सहायक नोडल अधिकारी डॉ0 सुषमा सिंह, उपनिदेशक पंचायत, जनपद बरेली के समस्त उपजिलाधिकारी/समस्त खण्ड विकास अधिकारी/समस्त सहायक विकास अधिकारी पंचायत बरेली एवं बरेली मण्डल के समस्त उप मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी सहित सम्बंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।

बरेली से अखिलेश चन्द्र सक्सेना की रिपोर्ट

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