गोण्डा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: साइबर ठगी के अंतरराज्यीय गिरोह के 9 सदस्य गिरफ्तार, 14.87 करोड़ रुपये फ्रीज; भारी मात्रा में दस्तावेज बरामद

गोण्डा: जनपद गोण्डा में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत साइबर सेल पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने म्यूल खातों के जरिए करोड़ों रुपये की साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के 9 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के दौरान भारी मात्रा में बैंकिंग और पहचान से जुड़े दस्तावेज बरामद किए गए हैं, जबकि करीब 14 करोड़ 87 लाख रुपये विभिन्न बैंक खातों में फ्रीज कर दिए गए हैं।

पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल के निर्देश पर चलाए गए इस अभियान में अपर पुलिस अधीक्षक अजीत कुमार रजक और क्षेत्राधिकारी नगर/अपराध आनन्द कुमार राय के पर्यवेक्षण में साइबर सेल प्रभारी संजय कुमार गुप्ता की टीम ने यह कार्रवाई की।
अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा, 9 आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने जिन 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनकी पहचान अमन सिंह, कुलदीप वर्मा, रोहित सिंह, सूरज कुमार सिंह, मोहित सिंह, रंजीत कुमार, मोहम्मद आरिफ, मोहम्मद समीर और आलोक गुप्ता के रूप में हुई है। सभी आरोपियों को तकनीकी सर्विलांस और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर दबिश देकर पकड़ा गया।
भारी मात्रा में दस्तावेज और उपकरण बरामद
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 347 पासबुक, 177 एटीएम किट, 22 आधार कार्ड, 9 पैन कार्ड, 10 मोबाइल फोन, 3 सिम कार्ड, 2 चेकबुक, 2 स्टैम्प, 1 वोटर आईडी कार्ड और 3 मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। इसके अलावा 20,290 रुपये नकद भी मिले हैं।
कैसे चलता था ठगी का नेटवर्क

पूछताछ में सामने आया कि गिरोह के सदस्य भोले-भाले लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने या बैंक खाता खुलवाने के नाम पर उनके दस्तावेज और बैंक खाते अपने कब्जे में ले लेते थे। कई मामलों में फर्जी दस्तावेजों के जरिए खाते खोले जाते थे।
इन खातों का इस्तेमाल ऑनलाइन गेमिंग, ट्रेडिंग और साइबर फ्रॉड से प्राप्त धन के लेन-देन के लिए किया जाता था। ठगी की रकम को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर निकाल लिया जाता था, जिसमें गिरोह के सदस्यों को 40 से 60 प्रतिशत तक कमीशन मिलता था।
46 बैंक खातों में फर्जी लेन-देन की पुष्टि
जांच के दौरान पता चला कि गिरोह से जुड़े कई बैंक खातों पर राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर देश के विभिन्न राज्यों से शिकायतें दर्ज हैं। मोबाइल फोन की जांच में नेट बैंकिंग डिटेल्स, पासवर्ड और चैटिंग रिकॉर्ड भी मिले हैं, जिससे पूरे नेटवर्क की पुष्टि हुई है।
14.87 करोड़ रुपये फ्रीज, जांच जारी
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित बैंक खातों में जमा लगभग 14 करोड़ 87 लाख 6 हजार रुपये फ्रीज करा दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है और आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।
