बीबीएयू लखनऊ की अनूठी पहल, 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर बच्चों के लिए योगिक व्यक्तित्व विकास शिविर शुरू

लखनऊ: बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय (बीबीएयू), लखनऊ के योग विभाग द्वारा 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (IDY–2026) के अवसर पर बच्चों के समग्र विकास के उद्देश्य से एक विशेष योगिक व्यक्तित्व विकास शिविर का आयोजन किया जा रहा है। ‘द्वितीय योगिक पर्सनैलिटी डेवलपमेंट कैंप’ नाम से यह एक माह का शिविर 22 मई से 21 जून 2026 तक चलेगा, जिसमें 6 से 14 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को शामिल किया गया है।

प्रातःकालीन सत्र में होगा योग, ध्यान और संस्कारों का प्रशिक्षण
यह शिविर प्रतिदिन सुबह 6 बजे से 8 बजे तक विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित किया जाएगा। इसमें बच्चों को योगाभ्यास, ध्यान, प्राणायाम, भगवद्गीता मंत्रोच्चारण के साथ-साथ कला एवं शिल्प गतिविधियाँ, मनोरंजक खेल, जीवन कौशल और चरित्र निर्माण से जुड़े प्रशिक्षण दिए जाएंगे।
‘बच्चे राष्ट्र की नींव, स्वस्थ मन से बनेगा सशक्त समाज’
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर राजकुमार मित्तल ने इस अवसर पर कहा कि बच्चे राष्ट्र के भविष्य की मजबूत नींव हैं। उन्होंने कहा कि यदि बच्चों का शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य सुदृढ़ होगा, तभी एक स्वस्थ, जागरूक और सक्षम समाज का निर्माण संभव है।

उन्होंने बढ़ती चुनौतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि आज के समय में बच्चों में तनाव, मोबाइल और स्क्रीन की लत, एकाग्रता में कमी, व्यवहारिक समस्याएं, अवसाद, चिंता और सामाजिक अलगाव जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में योग बच्चों के मानसिक संतुलन और व्यक्तित्व विकास का प्रभावी माध्यम बन सकता है।

योग से होगा सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास
योग विभागाध्यक्ष डॉ. दिपेश्वर सिंह ने बताया कि इस शिविर का उद्देश्य बच्चों में आत्मविश्वास, अनुशासन, सकारात्मक सोच, एकाग्रता और स्वस्थ जीवनशैली को विकसित करना है। उन्होंने कहा कि योग न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है, बल्कि मानसिक शांति और भावनात्मक स्थिरता भी प्रदान करता है।
उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों में नेतृत्व क्षमता, टीमवर्क, सृजनात्मकता और नैतिक मूल्यों को भी बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही उन्हें भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों और योगिक जीवनशैली से परिचित कराया जाएगा।

अभिभावकों से सहभागिता की अपील
विश्वविद्यालय प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों को इस विशेष योगिक व्यक्तित्व विकास शिविर में भाग लेने के लिए प्रेरित करें, ताकि उनका समग्र विकास हो सके और वे एक अनुशासित, आत्मविश्वासी और संस्कारित व्यक्तित्व का निर्माण कर सकें।
