पेपर लीक पर सरकार का बड़ा एक्शन! लोकसभा में पेश हुआ सख्त विधेयक, संगठित अपराध पर 7 साल की जेल और 10 करोड़ तक जुर्माने का प्रावधान
नई दिल्ली: प्रश्नपत्र लीक और सार्वजनिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों के इस्तेमाल पर सख्त कार्रवाई के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने सोमवार को लोकसभा में नया संशोधन विधेयक पेश किया। प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने विपक्ष के हंगामे के बीच लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 सदन में प्रस्तुत किया।
लोकसभा में विधेयक पेश किए जाने के दौरान विपक्षी सांसद 20 जुलाई को दिल्ली में छात्र प्रदर्शन के दौरान हुई कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर जवाबदेही तय करने और गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे।

संगठित पेपर लीक गिरोह पर सबसे सख्त प्रावधान
प्रस्तावित संशोधन के तहत प्रश्नपत्र लीक और संगठित परीक्षा घोटालों में शामिल लोगों के खिलाफ कड़े दंड का प्रावधान किया गया है। विधेयक में ऐसे मामलों के लिए न्यूनतम सात वर्ष के कारावास और अधिकतम 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रस्ताव रखा गया है।
इसके अलावा अन्य गंभीर अपराधों में अधिकतम 10 वर्ष तक की कैद और 50 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान भी किया गया है। यह संशोधन लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) अधिनियम, 2024 में बदलाव के लिए लाया गया है।
दो महीने में जांच, तीन महीने में मुकदमे का लक्ष्य

विधेयक में जांच और न्यायिक प्रक्रिया को समयबद्ध बनाने पर भी जोर दिया गया है। प्रस्ताव के अनुसार, सभी मामलों की जांच दो महीने के भीतर पूरी करनी होगी। साथ ही राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को विशेष त्वरित अदालतें स्थापित करने का निर्देश देने का भी प्रावधान रखा गया है।
इन अदालतों में आरोपपत्र दाखिल होने के तीन महीने के भीतर मुकदमे की सुनवाई पूरी करने का लक्ष्य तय किया गया है, ताकि परीक्षा संबंधी मामलों में जल्द न्याय सुनिश्चित किया जा सके।
पेपर लीक विवाद के बीच आया नया विधेयक
सरकार यह विधेयक ऐसे समय लेकर आई है जब नीट प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर देशभर में विरोध-प्रदर्शन हुए। जंतर-मंतर पर छात्र संगठनों ने प्रदर्शन किया, जिसके बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया। इसी क्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए एक उच्चस्तरीय समिति गठित करने की घोषणा भी की है।
