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महात्मा ज्योतिबा फूले रोहिलखंड विश्वविद्यालय, बरेली में बी.एससी. एजी और एम.एससी. एजी में प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ

बरेली,26 मई। महात्मा ज्योतिबा फूले रोहिलखंड विश्वविद्यालय (एमजेपीआरयू), बरेली के कृषि संकाय में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए बी.एससी. एग्रीकल्चर और एम.एससी. एग्रीकल्चर में प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। इच्छुक एवं पात्र छात्र विश्वविद्यालय की वेबसाइट www.mjpru.ac.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

गौरतलब है कि कृषि संकाय का प्रथम बैच (2025-26) के यूजी और पीजी के द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षाएं वर्तमान में चल रही हैं।

कृषि संकाय के डीन प्रोफेसर उपेंद्र कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि विश्वविद्यालय परिसर में कृषि संकाय की कक्षाओं का शुभारंभ 1 वर्ष पूर्व हुआ था। यहां बी.एससी. एग्रीकल्चर के अतिरिक्त एम.एससी. एग्रीकल्चर की शिक्षा कई विषयों में दी जा रही है, जिनमें एग्रोनॉमी, हॉर्टिकल्चर, जेनेटिक्स एंड प्लांट ब्रीडिंग शामिल हैं। उन्होंने यह भी बताया कि वर्ष 2026-27 से कीट विज्ञान (एंटोमोलॉजी) तथा पादप रोग विज्ञान (प्लांट पैथोलॉजी) में भी पीजी की कक्षाएं प्रारंभ की जा रही हैं।

कृषि संकायाध्यक्ष ने बताया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में एमजेपीआरयू बरेली से 200 किलोमीटर की दूरी तक किसी विश्वविद्यालय परिसर में कृषि संकाय की कक्षाएं संचालित नहीं हो रही हैं। बरेली एवं आसपास के जनपदों के छात्रों के लिए यह सुनहरा अवसर है। यहां कृषि के छात्रों को योग्य शिक्षकों द्वारा ‘लर्निंग बाय डूइंग’ मॉडल के आधार पर कक्षागत शिक्षा के साथ-साथ कृषि फार्म पर प्रैक्टिकल क्रॉप प्रोडक्शन का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

पात्रता एवं शुल्क:
बी.एससी. एग्रीकल्चर (8 सेमेस्टर) में प्रवेश के लिए विद्यार्थी ने कक्षा 12 में कृषि विज्ञान या भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान के साथ जीव विज्ञान या गणित विषयों के साथ उत्तीर्ण किया हो। प्रवेश मेरिट के आधार पर किया जाएगा। वार्षिक शुल्क बी.एससी. एजी के लिए 40,000 रुपए तथा एम.एससी. एजी के लिए 50,000 रुपए है।

करियर की संभावनाएं:
संकायाध्यक्ष ने यह भी बताया कि बी.एससी. एजी एक प्रोफेशनल कोर्स है, विशेषकर साइंस बैकग्राउंड के उन छात्रों के लिए जो सरकारी नौकरी, कृषि क्षेत्र या व्यवसाय में रुचि रखते हैं। सरकारी एवं गैर-सरकारी संस्थानों, उर्वरक, कीटनाशक, बीज कंपनियों, फूड प्रोसेसिंग, डेयरी फार्मिंग, हॉर्टिकल्चर आदि में कृषि स्नातकों एवं परास्नातकों की अत्यधिक मांग है। सरकारी क्षेत्र में रिसर्च, टीचिंग, बैंकों में एग्रीकल्चर ऑफिसर, नाबार्ड, एफसीआई तथा राज्य कृषि विभागों में अधिकारी (जिला कृषि अधिकारी , जिला उद्यान अधिकारी , जिला गन्ना अधिकारी आदि )के रूप में कार्य करने के अवसर उपलब्ध हैं।

कुलपति , का संदेश:

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर के.पी. सिंह ने प्रवेशार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा, “कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। एमजेपीआरयू का कृषि संकाय आधुनिक तकनीक एवं प्रयोगात्मक शिक्षा के माध्यम से छात्रों को राष्ट्र निर्माण में सक्षम कृषि विशेषज्ञ के रूप में तैयार कर रहा है। मैं सभी योग्य छात्रों से इस अवसर का लाभ उठाने और समय सीमा के भीतर ऑनलाइन आवेदन करने का आग्रह करता हूँ।”

आवेदन हेतु वेबसाइट: www.mjpru.ac.in ×——×——–×———×——–×——-×बरेली से अखिलेश चन्द्र सक्सेना की रिपोर्ट

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