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होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान का बड़ा ऐलान! अमेरिकी हमलों के बाद समुद्री मार्ग सील, जहाजों को दी हमले की चेतावनी

नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच पश्चिम एशिया से एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। ईरान की शीर्ष संयुक्त सैन्य कमान ने गुरुवार को रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह बंद करने का ऐलान किया है। ईरान ने चेतावनी दी है कि अब इस समुद्री मार्ग से गुजरने की कोशिश करने वाले तेल टैंकरों और व्यावसायिक जहाजों को निशाना बनाया जा सकता है।

वैश्विक तेल आपूर्ति पर मंडराया संकट

होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्गों में शामिल है। वैश्विक स्तर पर तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी जलमार्ग से होकर गुजरता है। ऐसे में ईरान के इस फैसले ने अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजारों और वैश्विक व्यापार जगत की चिंताएं बढ़ा दी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है तो इसका असर वैश्विक तेल कीमतों पर भी पड़ सकता है।

दो जहाजों पर कार्रवाई का दावा

ईरानी मीडिया और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) नौसेना ने दावा किया है कि होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की कोशिश कर रहे दो जहाजों को निशाना बनाया गया। ईरान का आरोप है कि इन जहाजों ने निर्धारित नियमों का उल्लंघन किया था। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

अमेरिका ने ईरान के दावों को किया खारिज

ईरान की घोषणा के कुछ समय बाद अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने उसके दावों को खारिज कर दिया। अमेरिकी सेना का कहना है कि होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह बंद नहीं हुआ है और अमेरिकी नौसैनिक जहाजों पर किसी प्रकार का सफल हमला भी नहीं हुआ है।

ईरान के कई इलाकों में धमाकों की खबर

तनाव के बीच ईरानी मीडिया ने देश के दक्षिणी हिस्सों में कई विस्फोटों की सूचना दी है। सरकारी समाचार एजेंसी के मुताबिक केशम और हेंगाम द्वीपों पर प्रोजेक्टाइल गिरने के बाद धमाके हुए। वहीं बंदर अब्बास में एयरपोर्ट और एयरबेस के आसपास भी विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। कंगान बंदरगाह और सीरिक क्षेत्र में भी हमलों की खबरें सामने आई हैं।

समुद्र में भी आमने-सामने आए दोनों देश

रिपोर्टों के अनुसार समुद्री क्षेत्र में अमेरिकी और ईरानी सैन्य बलों के बीच भी तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा है कि उसने ईरान के कई ठिकानों पर आत्मरक्षा के तहत कार्रवाई शुरू की है। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया जा रहा है।

ईरान की सख्त चेतावनी

ईरान ने अमेरिका को कड़ा संदेश देते हुए कहा है कि उसकी सेना किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। ईरानी सैन्य सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि यदि अमेरिका ने आगे कोई आक्रामक कदम उठाया तो उसके हितों और सैन्य ठिकानों को दोबारा निशाना बनाया जा सकता है।

बहरीन में भी बढ़ी चिंता

तनाव का असर बहरीन में भी दिखाई दिया। बहरीन के गृह मंत्रालय ने पुष्टि की कि देश के विभिन्न हिस्सों में एयर रेड सायरन बजाए गए। इससे पहले ईरानी मीडिया ने दावा किया था कि अमेरिकी हमलों के जवाब में बहरीन स्थित अमेरिकी नौसेना के फिफ्थ फ्लीट मुख्यालय को निशाना बनाया गया है। हालांकि फिलहाल किसी बड़े नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

मिडिल ईस्ट में गहराया संकट

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते टकराव ने पूरे पश्चिम एशिया में सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा दिया है। होर्मुज स्ट्रेट को लेकर पैदा हुई स्थिति पर दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि यह समुद्री मार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की जीवनरेखा माना जाता है।

 

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