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कांवड़ यात्रा 2026 के लिए मेरठ में हाई अलर्ट, 2234 आईपी कैमरे और 23 ड्रोन से होगी चौबीसों घंटे निगरानी

मेरठ: कांवड़ यात्रा-2026 को लेकर मेरठ में पुलिस और प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था लागू कर दी है। श्रावण मास के दौरान जिले के 776 शिवालयों सहित 13 प्रमुख मंदिरों में जलाभिषेक होगा, जबकि तीन प्रमुख मंदिरों में बड़ी संख्या में कांवड़िये पहुंचेंगे और मेले भी आयोजित होंगे। इसे देखते हुए औघड़नाथ मंदिर पर एक अस्थायी कांवड़ थाना और नौ अस्थायी पुलिस चौकियां स्थापित की गई हैं।

औघड़नाथ मंदिर परिसर में सीसीटीवी कंट्रोल रूम भी बनाया जा रहा है। इसके अलावा प्रत्येक शिवालय पर संबंधित थाना क्षेत्र से दो-दो पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। जिले में सात कांवड़ मार्ग चिन्हित किए गए हैं, जिनकी कुल लंबाई 228 किलोमीटर है। इन मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था की लगातार निगरानी की जा रही है।

6 सुपर जोन और 64 सेक्टर में बांटी गई सुरक्षा व्यवस्था

एसएसपी मेरठ अविनाश पांडेय ने बताया कि कांवड़ यात्रा के लिए जिले को 6 सुपर जोन, 24 जोन, 64 सेक्टर और 44 सब-सेक्टर में विभाजित किया गया है। प्रत्येक किलोमीटर पर एक सब-सेक्टर बनाया गया है, जहां पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। यात्रा मार्ग पर 78 पिकेट और 26 बैरियर भी लगाए जाएंगे, ताकि सुरक्षा और यातायात व्यवस्था सुचारु बनी रहे।

कांवड़ और डीजे के लिए जारी हुई गाइडलाइन

पुलिस ने कांवड़ और डीजे को लेकर भी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। 10 फीट से अधिक ऊंची कांवड़ की अनुमति नहीं होगी। वहीं डीजे की अधिकतम ऊंचाई 10 फीट और चौड़ाई 12 फीट तय की गई है। नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित डीजे संचालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

जिले में 64 मिश्रित आबादी वाले संवेदनशील स्थानों को चिन्हित कर वहां अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की जा रही है। एसएसपी ने बताया कि यात्रा मार्ग में पांच रेलवे क्रॉसिंग और पांच टोल प्लाजा भी हैं, जहां अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा।

मीट की दुकानें रहेंगी बंद, शराब की दुकानों पर लगेंगे पर्दे

प्रशासन ने कांवड़ शिविर संचालकों को सड़क से 10 से 12 फीट की दूरी छोड़कर शिविर लगाने के निर्देश दिए हैं। गंगनहर कांवड़ पटरी मार्ग, राष्ट्रीय राजमार्ग-58 और शहर के पांच प्रमुख मार्गों से कांवड़ियों का आवागमन होगा। इन मार्गों पर स्थित 197 शराब की दुकानें, 193 मीट की दुकानें, 110 मांसाहारी होटल और 70 ढाबों को चिन्हित किया गया है। यात्रा के दौरान शराब की दुकानों पर पहले की तरह पर्दे लगाए जाएंगे, जबकि मीट की दुकानों को बंद कराया जाएगा।

कांवड़ मार्ग पर स्थित 67 मस्जिद, दो मजार और तीन मदरसों के आसपास भी सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। पुलिस ने डीजे संचालकों के साथ 42 बैठकें कर उन्हें 75 डेसीबल से अधिक ध्वनि स्तर पर भक्ति गीत नहीं बजाने के निर्देश दिए हैं।

डीएम ने सभी विभागों को दिए निर्देश

जिलाधिकारी ने कांवड़ यात्रा को देखते हुए सभी विभागों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। बिजली विभाग को ढीले तार, क्षतिग्रस्त पोल और ट्रांसफार्मर से जुड़ी समस्याओं का तत्काल समाधान करने को कहा गया है। वन विभाग को यात्रा मार्ग पर पेड़ों की छंटाई कराने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं नगर निकायों को साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, जल निकासी और सड़कों की मरम्मत को प्राथमिकता देने के लिए कहा गया है। एडीएम प्रशासन को सभी व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

2234 आईपी कैमरे और 23 ड्रोन से होगी निगरानी

सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए 18 त्वरित प्रतिक्रिया दल गठित किए गए हैं। पांच सीसीटीवी कंट्रोल रूम, तीन वायरलेस कंट्रोल रूम और 12 सब-स्टेशन भी बनाए गए हैं। पूरे कांवड़ मार्ग की निगरानी 2234 आईपी कैमरों और 1270 सीसीटीवी कैमरों के जरिए की जाएगी। इसके अलावा 23 ड्रोन से भी हवाई निगरानी रखी जाएगी।

480 डिजिटल वॉलंटियर और गंगनहर पर विशेष सुरक्षा

एसएसपी ने बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान 136 चारपहिया पुलिस वाहन और 110 दोपहिया कांवड़ मोबाइल बाइक तैनात रहेंगी, ताकि किसी भी सूचना पर तत्काल कार्रवाई की जा सके। इसके अलावा तीन वॉच टावर भी बनाए गए हैं। सोशल मीडिया पर अफवाहों पर नजर रखने और उनका खंडन करने के लिए 480 डिजिटल वॉलंटियर भी सक्रिय किए गए हैं।

गंगनहर क्षेत्र में सुरक्षा के लिए 12 नाव और 35 प्रशिक्षित गोताखोर तैनात किए गए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत और बचाव कार्य किया जा सके।

 

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