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ह्युमेन एआई लिटरेसी मिशन का देश में हुआ लॉन्च, क्लासरूम से एआई-साक्षर भारत बनाने का लक्ष्य

नई दिल्ली, 17 जुलाई 2026: आज नई दिल्ली के भारत मंडपम में ह्युमेन एआई लिटरेसी मिशन (HUMAIN AI Literacy Mission /HAILM) का औपचारिक लॉन्च हुआ। यह एआई साक्षरता के लिए समग्र दृष्टिकोण पेश करते हुए स्कूल लीडरों, शिक्षकों और छात्रों को लर्निंग के लिए संरचित प्लेटफॉर्म पर लाता है। इस मिशन में कक्षा 3 से 12 तक के लिए उम्र के अनुसार, उचित पाठ्यक्रम के साथ-साथ लाइव सेशन, एलएमएस, वीडियो लैसन, इंटरैक्टिव गतिविधियों, शिक्षकों के विकास, नीतिगत संसाधनों और क्लासरूम के लिए तैयार लर्निंग सामग्री का संयोजन शामिल किया गया है, जो स्कूलों को व्यवस्थित तरीके से एआई शिक्षा अपनाने में मदद करता है। साथ ही, बुनियादी स्तर की निःशुल्क शिक्षा को विभिन्न भोगौलिक क्षेत्रों के लिए सुलभ भी बनाता है।

यह लॉन्च ऐसे समय में किया गया है आर्टीफिशियल इंटेलीजेन्स युवाओं के द्वारा सीखने, जानकारी की सर्च करने, कंटेंट बनाने और टेक्नोलॉजी के साथ इंटरैक्ट करने का माध्यम बन गया है। हालांकि इसके बावजूद छात्रों को इस बात को पूरी तरह नहीं समझ पाते कि एआई कैसे काम करता है, वे इसके आउटपुट का उचित मूल्यांकन करने में सक्षम नहीं हैं। ह्युमेन एआई लिटरेसी मिशन इसी खामी को दूर करता है और छात्रों को बुनियादी समझ से आगे बढ़कर ज़िम्मेदाराना एवं व्यवहारिक उपयोग में सक्षम बनाता है।

ह्युमेन एआई लिटरेसी मिशन के चीफ़ विज़नरी श्री मणित जैन ने इस मिशन के पीछे की सोच के बारे में बताया

‘‘एआई हमारे बच्चों के द्वारा सीखने, काम करने और फैसले लेने के तरीकों को प्रभावित करने लगा है। ऐसे में हमें सुनिश्चित करना होगा कि वे सिर्फ इस टेक्नोलॉजी के यूज़र बनकर न रह जाएं, बल्कि इसकी संभावनाओं, सीमाओं और ज़िम्मेदारियों को भी समझें। एआई- साक्षर भारत के निर्माण के लिए ऐसे समग्र दृष्टिकोण की ज़रूरत है ताकि स्कूल लीडर सोच-समझ कर नीतियां बना सकें, अध्यापक ज़िम्मेदाराना उपयोग के लिए मार्गदर्शन दे सकें और छात्र इस बात को समझ सकें कि कैसे टेक्नोलॉजी उनके भविष्य को आकार दे रही है। बुनियादी एआई साक्षरता को सुलभ बनाकर और इसके लिए स्कूलों को सहयोग प्रदान कर- ह्युमेन एआई लिटरेसी मिशन- एआई शिक्षा को सभी के लिए सुलभ बनाना चाहता है। इसका उद्देश्य ऐसी पीढ़ी के निर्माण द्वारा विकसित भारत 2047 में योगदान देना है, जो उभरती टेक्नोलॉजी के ज़िम्मेदाराना उपयोग के बारे में समझ सके।’’

यह मिशन इस विज़न को असलियत में कैसे बदलेगा इस बारे में बात करते हुए ह्युमेन एआई लिटरेसी मिशन के सीईओ श्री अमित यादव ने बताया कि “एआई साक्षरता को सच में सुलभ बनाने के लिए, इसे भारतीय क्लासरूम की वास्तविकता के अनुसार काम करना होगा। हम HAILM को एक व्यवस्थित मार्ग के रूप में डिज़ाइन कर रहे हैं, जो छात्रों, शिक्षकों और स्कूल लीडर्स के लिए मददगार होगा। हमारा मकसद एक ऐसा मॉडल बनाना है जिसे स्कूल अलग-अलग स्थितियों में भरोसे के साथ अपना सकें, और साथ ही यह भी सुनिश्चित करें कि छात्र एआई का इस्तेमाल ज़िम्मेदारी से करें।”

क्लासरूम के दायरे से बढ़कर बुनियादी एआई साक्षरता तक पहुँच युवाओं को भारत के डिजिटल भविष्य में बेहतर तरीके से हिस्सा लेने के लिए तैयार करने में मदद कर सकती है। चूँकि एआई हर सेक्टर में शामिल हो रहा है, इसलिए इसके ज़िम्मेदार और जानकारीपूर्ण इस्तेमाल से छात्र टेक्नोलॉजी के साथ जानकारी रखने वाले यूज़र्स, क्रिएटर्स और समस्या-समाधान करने वालों के तौर पर जुड़ सकते हैं।

लॉन्च के मौके पर, दिल्ली सरकार के शिक्षा मंत्री श्री आशीष सूद ने एआई-इनेबल्ड दुनिया के लिए छात्रों और शिक्षकों को तैयार करने की अहमियत पर ज़ोर दिया।

दिल्ली सरकार के शिक्षा मंत्री श्री आशीष सूद ने कहा, “हमारे क्लासरूम ने डिजिटल बदलाव को अपना लिया है; अगला कदम यह सुनिश्चित करना है कि छात्र और शिक्षक अपने आस-पास की दुनिया को आकार देने वाले एआई सिस्टम को सुरक्षित और ज़िम्मेदारी से समझें। कम उम्र में ही यह समझ विकसित करने से युवा भरोसे और समझदारी के साथ टेक्नोलॉजी से जुड़ सकते हैं। व्यवस्थित और समावेशी एआई लर्निंग तक पहुँच बढ़ाने वाली पहल छात्रों को उभरती टेक्नोलॉजी को ज़िम्मेदारी से इस्तेमाल करने के लिए तैयार करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।”

लॉन्च के बाद, यह मिशन स्कूलों को अपने साथ जोड़ने, टीचर-ट्रेनिंग ग्रुप्स का दायरा बढ़ाने और स्कूली शिक्षा में पार्टनरशिप बनाने पर ध्यान देगा। समय के साथ संस्थागत सहयोग और राज्य-के अनुसार रोलआउट के बारे में जानकारी दी जाएगी।

इस मिशन के लॉन्च से आगे बढ़ने के साथ क्लासरूम में सार्थक बदलाव लाने पर ध्यान दिया जाएगा, ताकि ऐसी पीढ़ी तैयार की जा सके जो एआई को बेहतर आत्मविश्वास और ज़िम्मेदारी के साथ समझ सके, उस पर सवाल उठा सके और उसका इस्तेमाल कर सके।

 

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