एम्स रायबरेली में लाइव लैप्रोस्कोपिक सर्जरी कार्यशाला आयोजित, विशेषज्ञों ने दिए आधुनिक सर्जिकल तकनीकों के गुर

रायबरेली। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) रायबरेली के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग ने ‘फेडरेशन ऑफ ऑब्सटेट्रिक एंड गायनेकोलॉजिकल सोसाइटीज ऑफ इंडिया’ (FOGSI) और ‘इंडियन एसोसिएशन ऑफ गायनेकोलॉजिकल एंडोस्कोपिस्ट्स’ (IAGE) के सहयोग से EAGLE (Every Aspiring Gynaecologist Learn Endoscopy) नामक लाइव लैप्रोस्कोपिक सर्जरी कार्यशाला का सफल आयोजन किया। कार्यशाला का उद्देश्य पोस्टग्रेजुएट छात्रों और प्रैक्टिस कर रहे स्त्री रोग विशेषज्ञों को आधुनिक एंडोस्कोपिक सर्जरी की व्यावहारिक एवं उन्नत ट्रेनिंग प्रदान करना था।

कार्यशाला का शुभारंभ एम्स रायबरेली की कार्यकारी निदेशक प्रो. (डॉ.) अमिता जैन ने किया। उन्होंने कहा कि आधुनिक स्त्री रोग चिकित्सा में लैप्रोस्कोपिक सर्जरी का महत्व लगातार बढ़ रहा है। कम चीर-फाड़ वाली इस तकनीक से मरीजों को छोटे चीरे, ऑपरेशन के बाद कम दर्द, तेजी से रिकवरी और अस्पताल में कम समय तक रहने जैसे कई लाभ मिलते हैं। उन्होंने प्रतिभागियों से विशेषज्ञों के अनुभव और व्यावहारिक सुझावों का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया।

कार्यशाला के दौरान लाइव सर्जिकल सेशन का संचालन लखनऊ के प्रसिद्ध लैप्रोस्कोपिक सर्जन डॉ. सोनू सिंह ने किया। उन्होंने एंडोमेट्रियोसिस, ओवेरियन एंडोमेट्रियोमा और बड़े फाइब्रॉइड वाले गर्भाशय की लैप्रोस्कोपिक मायोमेक्टॉमी जैसी जटिल सर्जरी का लाइव प्रदर्शन किया। प्रतिभागियों को वास्तविक समय में सर्जिकल तकनीकों को देखने, ऑपरेशन के दौरान विशेषज्ञ से सीधे संवाद करने तथा निर्णय प्रक्रिया, उपकरणों के उपयोग और संभावित जटिलताओं के प्रबंधन की विस्तृत जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिला।

प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. पारुल सिन्हा के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यशाला में गायनेकोलॉजिकल एंडोस्कोपी में व्यवस्थित प्रशिक्षण पर विशेष जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के अकादमिक कार्यक्रम सैद्धांतिक ज्ञान और व्यावहारिक अनुभव के बीच की दूरी को कम करते हैं, जिससे युवा स्त्री रोग विशेषज्ञों की सर्जिकल दक्षता बढ़ती है और मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध हो पाता है।
उद्घाटन समारोह में अपर चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नीरज श्रीवास्तव, उप-निदेशक (प्रशासन) कर्नल अखिलेश सिंह तथा वित्तीय सलाहकार कर्नल यू. एन. राय भी उपस्थित रहे। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर के इस शैक्षणिक कार्यक्रम के आयोजन के लिए विभाग की सराहना की और मेडिकल शिक्षा व उन्नत सर्जिकल प्रशिक्षण के क्षेत्र में संस्थान की प्रतिबद्धता दोहराई।
कार्यशाला में लगभग 30 पोस्टग्रेजुएट रेजिडेंट्स और प्रैक्टिस कर रहे स्त्री रोग विशेषज्ञों ने भाग लिया। लाइव सर्जिकल डेमोंस्ट्रेशन, विशेषज्ञों के साथ संवाद और इंटरैक्टिव सत्रों को प्रतिभागियों ने अत्यंत उपयोगी बताते हुए इसे अपने व्यावसायिक कौशल को निखारने वाला महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम बताया।
