प्रयागराज एयरपोर्ट पर शुरू हुई ‘फ्लाईब्रेरी’ सेवा, अब मुफ्त में किताब लेकर उड़ान के दौरान कर सकेंगे पढ़ाई
प्रयागराज: प्रयागराज एयरपोर्ट से यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए अब हवाई सफर पहले से अधिक रोचक और ज्ञानवर्धक होने जा रहा है। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण ने एयरपोर्ट पर ‘फ्लाईब्रेरी’ सेवा की शुरुआत की है। इस नई पहल के तहत यात्री अपनी पसंद की किताब मुफ्त में लेकर उड़ान के दौरान पढ़ सकेंगे और यात्रा का बेहतर अनुभव हासिल कर पाएंगे।
यात्रा के दौरान साथ ले जा सकेंगे किताब

फ्लाईब्रेरी की सबसे खास बात यह है कि यात्री लाइब्रेरी से ली गई किताब को अपने गंतव्य तक साथ ले जा सकते हैं। यात्रा पूरी होने के बाद संबंधित एयरपोर्ट की फ्लाईब्रेरी में किताब वापस जमा करने की सुविधा दी गई है। इस व्यवस्था का उद्देश्य यात्रियों में पढ़ने की आदत को बढ़ावा देना और किताबों के आदान-प्रदान की संस्कृति को मजबूत करना है।
शुरुआत में ही सामने आई चुनौती
सेवा शुरू होने के साथ ही पांच यात्रियों ने लाइब्रेरी से किताबें लेकर यात्रा की, लेकिन अब तक उन्हें वापस जमा नहीं कराया है। एयरपोर्ट प्रशासन का कहना है कि जागरूकता बढ़ने के साथ यात्री इस व्यवस्था का जिम्मेदारीपूर्वक पालन करेंगे और समय पर किताबें लौटाएंगे।
लोगों से किताबें दान करने की अपील
प्रयागराज एयरपोर्ट के निदेशक गणेश यादव ने बताया कि फ्लाईब्रेरी का उद्देश्य यात्रियों के सफर को मनोरंजक और ज्ञानवर्धक बनाना है। उन्होंने शहर के नागरिकों से इस पहल को सफल बनाने के लिए अच्छी और उपयोगी किताबें दान करने की अपील की। फिलहाल लाइब्रेरी में योग और धार्मिक विषयों से जुड़ी पुस्तकों की संख्या अधिक है।
जिले में पांच नए हेलीपैड बनाने की तैयारी

इधर, उत्तर प्रदेश सरकार की तहसील और ब्लॉक स्तर पर स्थायी हेलीपैड विकसित करने की योजना में प्रयागराज को भी शामिल किया गया है। जिले में पहले चरण में पांच स्थानों पर हेलीपैड बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसके लिए लगभग चार करोड़ रुपये का बजट स्वीकृति के लिए शासन को भेजा गया है।
इन पांच क्षेत्रों में बनेंगे हेलीपैड
प्रस्ताव के अनुसार करछना, चाका, कोरांव, मांडा और मेजा तहसील मुख्यालय के पास हेलीपैड बनाए जाएंगे। इनका उद्देश्य वीवीआईपी आवागमन को सुगम बनाना, आपदा राहत एवं बचाव कार्यों को गति देना और बेहतर संपर्क व्यवस्था विकसित करना है।
अगस्त के पहले सप्ताह तक मिल सकती है मंजूरी
लोक निर्माण विभाग ने शासन के निर्देश पर संशोधित लागत का प्रस्ताव तैयार कर मुख्यालय भेज दिया है। नई अनुमानित लागत के अनुसार प्रत्येक हेलीपैड के निर्माण पर करीब 80 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है। विभाग के अधिकारियों को उम्मीद है कि अगस्त के पहले सप्ताह तक बजट को मंजूरी मिल सकती है।
