NEET पेपर लीक केस में बड़ा बदलाव, फास्ट ट्रैक कोर्ट की पहली जज का एक हफ्ते में तबादला; अब अजय गुप्ता करेंगे सुनवाई
नई दिल्ली: NEET पेपर लीक और सार्वजनिक परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए गठित विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट में बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया गया है। हाईकोर्ट ने विशेष जज अनु ग्रोवर बलिगा का तबादला कर उनकी जगह अजय गुप्ता को नियुक्त किया है। यह फैसला ऐसे समय आया है, जब अनु ग्रोवर बलिगा ने महज एक सप्ताह पहले ही इस विशेष अदालत का कार्यभार संभाला था।
एक सप्ताह पहले संभाली थी जिम्मेदारी

हाईकोर्ट ने 23 जुलाई को सार्वजनिक परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया था। इसके बाद 25 जुलाई को अनु ग्रोवर बलिगा ने विशेष जज के रूप में कार्यभार ग्रहण किया था। हालांकि, पदभार संभालने के एक सप्ताह के भीतर ही उनका तबादला कर दिया गया।
बताया गया है कि हाईकोर्ट के तबादला आदेश के तहत कुल 137 न्यायाधीशों का स्थानांतरण किया गया है।
अब अजय गुप्ता संभालेंगे विशेष अदालत
विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट की जिम्मेदारी अब अजय गुप्ता को सौंपी गई है। वह इससे पहले भी पेपर लीक से जुड़े मामलों की सुनवाई कर चुके हैं। वहीं, अनु ग्रोवर बलिगा को अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी अधिनियम के तहत गठित विशेष अदालत में नई जिम्मेदारी दी गई है।
आज चार्जशीट और जमानत याचिकाओं पर होगी सुनवाई
NEET पेपर लीक मामले की पहली सुनवाई 27 जुलाई को हुई थी, लेकिन बचाव पक्ष के अनुरोध पर उसे स्थगित कर दिया गया था। अब सोमवार को विशेष अदालत केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो की ओर से दाखिल चार्जशीट पर संज्ञान लेने के साथ-साथ दो आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर भी सुनवाई करेगी।

जांच एजेंसी इस मामले में 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। सभी आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।
सुप्रीम कोर्ट में भी होगी अहम सुनवाई
उधर, NEET पेपर लीक और परीक्षा में कथित अनियमितताओं के विरोध में हुए प्रदर्शनों के दौरान पुलिस कार्रवाई को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर भी सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई प्रस्तावित है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ इन मामलों पर विचार करेगी।
शीर्ष अदालत ने 28 जुलाई को राज्यों को निर्देश दिया था कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई न की जाए। साथ ही जिन नाबालिग प्रदर्शनकारियों का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है, उन्हें रिहा करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए थे।
त्वरित सुनवाई के लिए गठित की गई थी विशेष अदालत
सरकार ने NEET पेपर लीक मामले में आरोपियों के खिलाफ जल्द सुनवाई सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया था। सरकार का कहना है कि प्रभावित अभ्यर्थियों को शीघ्र न्याय दिलाना उसकी प्राथमिकता है। इसके साथ ही पेपर लीक जैसे मामलों में कड़ी सजा सुनिश्चित करने के लिए कानून में संशोधन की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है।
