सावन के पहले सोमवार पर शिवालयों में उमड़ा आस्था का सैलाब, सोमनाथ से काशी विश्वनाथ तक ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष
नई दिल्ली: सावन के पहले सोमवार पर देशभर के शिवालयों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। गुजरात के सोमनाथ ज्योतिर्लिंग से लेकर वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर और झारखंड के बाबा बैद्यनाथ धाम तक शिवभक्त जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और पूजा-अर्चना के लिए बड़ी संख्या में पहुंचे। मंदिर परिसरों में ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयघोष के बीच पूरा वातावरण शिवमय नजर आया।
श्रद्धालु सुबह से ही विभिन्न शिव मंदिरों में दर्शन के लिए कतारबद्ध रहे। भगवान शिव का जलाभिषेक कर भक्तों ने सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की। कई प्रमुख मंदिरों में मंगला आरती और विशेष पूजा-अर्चना में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।

काशी विश्वनाथ और लोकनाथ मंदिर में उमड़ी भीड़
सावन के पहले सोमवार पर वाराणसी स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर में भगवान विश्वेश्वर की मंगला आरती के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। वहीं ओडिशा के पुरी स्थित लोकनाथ मंदिर में भी सुबह से दर्शन और पूजा के लिए भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिलीं।
दिल्ली के गौरी शंकर मंदिर में गूंजे जयघोष
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के चांदनी चौक स्थित गौरी शंकर मंदिर में भी आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से ही श्रद्धालु जलाभिषेक और भगवान शिव के दर्शन के लिए कतारों में खड़े नजर आए। मंदिर परिसर पूरे दिन ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयघोष से गूंजता रहा।

सावन का पहला सोमवार क्यों है विशेष?
सनातन परंपरा में सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन विशेष रूप से भगवान शिव का प्रिय मास है। मान्यता है कि इसी महीने माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तप किया था। इसी वजह से सावन के प्रत्येक सोमवार का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है और श्रद्धालु व्रत, पूजा-अर्चना तथा जलाभिषेक करते हैं।
बाबा बैद्यनाथ धाम में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
झारखंड के देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम में भी सावन के पहले सोमवार पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। देवघर के पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर ने बताया कि पहले सोमवार को ध्यान में रखते हुए व्यापक सुरक्षा और यातायात प्रबंधन की व्यवस्था की गई है। उनके अनुसार, लगभग दो से तीन लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। रात से ही पुलिस बल, क्विक रिस्पॉन्स टीम और अन्य सुरक्षा कर्मियों को विभिन्न स्थानों पर तैनात किया गया है ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
