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गोण्डा में डेयरी कॉन्क्लेव का आयोजन, पशुपालकों को मिले स्वीकृति पत्र और लाखों रुपये के डेमो चेक

गोण्डा: जिले में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने और पशुपालकों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से बुधवार को जिला पंचायत सभागार में जनपद स्तरीय डेयरी कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न सरकारी योजनाओं के चयनित लाभार्थियों को स्वीकृति प्रमाण पत्र और डेमो चेक वितरित किए गए।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि डेयरी क्षेत्र ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूत आधारशिला है। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। साथ ही संबंधित अधिकारियों को योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने और उनका समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ संवर्धन योजना के लाभार्थियों को मिला लाभ

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ संवर्धन योजना के तहत चयनित 28 लाभार्थियों को स्वीकृति प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। वहीं 7 लाभार्थियों को 80-80 हजार रुपये के डेमो चेक वितरित किए गए।

इसके अलावा नन्द बाबा दुग्ध मिशन के अंतर्गत संचालित मिनी नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना में चयनित 3 लाभार्थियों को प्रति लाभार्थी 5 लाख 90 हजार रुपये के डेमो चेक सौंपे गए।

डेयरी योजनाओं की दी गई विस्तृत जानकारी

कॉन्क्लेव में मौजूद किसानों, पशुपालकों और अन्य प्रतिभागियों को दुग्ध विभाग की विभिन्न योजनाओं, पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और मिलने वाले लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि इन योजनाओं का उद्देश्य आधुनिक डेयरी विकास को बढ़ावा देना, दुग्ध उत्पादन बढ़ाना और पशुपालकों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है।

लाभार्थियों ने जताया आभार

योजनाओं से लाभान्वित पशुपालकों ने सरकार और दुग्ध विभाग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इन योजनाओं से डेयरी व्यवसाय को नई दिशा मिलेगी। उनका कहना था कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और आय में भी वृद्धि होगी।

कार्यक्रम का संचालन अंजनि कुमार दूबे ने किया। इस अवसर पर जिला विकास अधिकारी आदित्य तिवारी, महाप्रबंधक दुग्ध विभाग, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, अग्रणी जिला प्रबंधक (एलडीएम), उप निदेशक कृषि, कृषि वैज्ञानिक गोपाल ग्राम सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, बड़ी संख्या में किसान, पशुपालक और लाभार्थी मौजूद रहे।

 

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