एक कैच छूटा और बदल गया मैच! डिकवेला-दिनुषा की साझेदारी ने भारत की उम्मीदों पर फेरा पानी, चौथे दिन बड़ी चुनौती
गॉल: भारत और श्रीलंका के बीच खेले जा रहे टेस्ट मुकाबले में तीसरे दिन भारतीय टीम मजबूत स्थिति में होने के बावजूद एक अहम मौका गंवा बैठी। श्रीलंका ने महज 90 रन पर पांच विकेट गंवा दिए थे और भारतीय गेंदबाजों के पास उसे 200 रन के भीतर समेटने का मौका था। लेकिन निरोशन डिकवेला का कैच छूटना मैच का बड़ा टर्निंग प्वाइंट बन गया।
36वें ओवर में मानव सुथार की फ्लाइटेड गेंद पर डिकवेला के बल्ले का बाहरी किनारा लगा और गेंद स्लिप में खड़े केएल राहुल की ओर गई। राहुल ने दाईं ओर डाइव लगाकर कैच पकड़ने की कोशिश की, लेकिन गेंद उनके हाथों से निकल गई। उस समय डिकवेला सिर्फ 20 रन पर खेल रहे थे।

जीवनदान मिलने के बाद डिकवेला ने भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। उन्होंने सोनल दिनुषा के साथ मिलकर श्रीलंका की पारी को संभाला। दोनों ने छठे विकेट के लिए 146 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की। डिकवेला ने 115 गेंदों पर 80 रन बनाए, जबकि दिनुषा ने करीब साढ़े चार घंटे क्रीज पर टिककर शानदार शतक जड़ा।
डिकवेला और दिनुषा की साझेदारी का असर यह हुआ कि 90 रन पर पांच विकेट गंवाने वाली श्रीलंकाई टीम 284 रन तक पहुंच गई। भारत को फॉलोऑन देने के लिए श्रीलंका को 263 रन के भीतर रोकना जरूरी था, लेकिन मेजबान टीम इस आंकड़े को पार करने में सफल रही।
भारत की ओर से मानव सुथार ने सबसे प्रभावी गेंदबाजी करते हुए चार विकेट लिए। रवींद्र जडेजा को तीन सफलताएं मिलीं, जबकि प्रसिद्ध कृष्णा, मोहम्मद सिराज और कुलदीप यादव ने एक-एक विकेट हासिल किया। भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआती दौर में श्रीलंकाई बल्लेबाजों पर दबाव बनाए रखा, लेकिन निचले क्रम की साझेदारी ने मुकाबले का रुख बदल दिया।

श्रीलंका की पहली पारी खत्म होने के बाद बारिश के कारण तीसरे दिन का खेल समय से पहले रोकना पड़ा। भारत के पास अभी 178 रन की बढ़त है और चौथे दिन टीम इंडिया अपनी दूसरी पारी आगे बढ़ाएगी।
केएल राहुल के हाथ से निकला डिकवेला का कैच अब मुकाबले के अहम पलों में शामिल हो गया है। अगर यह कैच पकड़ लिया जाता तो श्रीलंका की पारी का समीकरण अलग हो सकता था। हालांकि भारत के पास अभी बढ़त मौजूद है और चौथे दिन टीम की कोशिश इस बढ़त को बड़ा करने की होगी।
टेस्ट क्रिकेट में एक कैच या एक बड़ी साझेदारी कई बार पूरे मुकाबले की दिशा बदल देती है। गॉल टेस्ट में भारत के सामने अब चुनौती तीसरे दिन की इस चूक को पीछे छोड़कर चौथे दिन बल्लेबाजी के जरिए अपनी स्थिति और मजबूत करने की होगी।
