एम्स रायबरेली में धूमधाम से मना 80वां स्वतंत्रता दिवस, ‘विकसित भारत@2047 के लिए युवा शक्ति’ का दिया संदेश

रायबरेली: अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) रायबरेली में देश का 80वां स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास, उत्साह और देशभक्ति की भावना के साथ मनाया गया। इस वर्ष समारोह में ‘विकसित भारत@2047 के लिए युवा शक्ति’ की भावना को प्रमुखता देते हुए युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा, नवाचार और जिम्मेदारी को राष्ट्र निर्माण से जोड़ने का संदेश दिया गया।

समारोह का शुभारंभ राष्ट्रगान और वंदे मातरम् के गायन के साथ हुआ। कार्यकारी निदेशक प्रो. (डॉ.) अमिता जैन ने गार्ड ऑफ ऑनर के बाद राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इसके पश्चात राष्ट्रगान हुआ। कार्यक्रम में उप निदेशक प्रशासन, वित्तीय सलाहकार, अपर चिकित्सा अधीक्षक, संकाय सदस्य, चिकित्सक, अधिकारी, नर्सिंग अधिकारी, कर्मचारी और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
कार्यकारी निदेशक ने उपस्थित लोगों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता केवल अधिकार नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति कर्तव्य और जिम्मेदारी का बोध भी कराती है। यह दिन उन सभी लोगों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है, जिनके योगदान और बलिदान से देश को स्वतंत्रता मिली।
अपने संबोधन में उन्होंने एम्स रायबरेली में चिकित्सा सेवा, चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और अवसंरचना के क्षेत्र में किए जा रहे विकास कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि संस्थान स्वास्थ्य के क्षेत्र में निरंतर प्रगति करते हुए राष्ट्र की सेवा के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि संस्थान के युवा चिकित्सक, विद्यार्थी, नर्सिंग अधिकारी और अन्य कर्मचारी अपने ज्ञान, कौशल और सेवा भावना के माध्यम से स्वस्थ और सशक्त भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इस दौरान सभी स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं से रोगियों के प्रति अधिक उत्तरदायी और संवेदनशील रहते हुए सेवा करने का संकल्प दिलाया गया।
कार्यक्रम के दौरान एमबीबीएस और नर्सिंग के विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर उपस्थित लोगों में देशभक्ति का भाव जगाया। अग्निशमन विभाग ने पानी की धाराओं के माध्यम से तिरंगे की भव्य आकृति प्रस्तुत की, जिसे देखकर उपस्थित दर्शक प्रभावित हुए।
संस्थान की आपदा प्रबंधन और आपातकालीन तैयारियों को परखने के उद्देश्य से मॉक ड्रिल का भी आयोजन किया गया। इसके बाद कार्यकारी निदेशक बाल रोग विभाग पहुंचीं और भर्ती बच्चों से मुलाकात की। उन्होंने बच्चों को भोजन कराया और उन्हें उपहार वितरित किए।
कार्यक्रम के अंत में ‘एक पेड़ मां के नाम 3.0’ अभियान के तहत संस्थान परिसर स्थित तालाब के किनारे पौधरोपण किया गया। समारोह में मौजूद लोगों ने ‘विकसित भारत@2047 के लिए युवा शक्ति’ की भावना को आत्मसात करते हुए विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का संकल्प लिया।
