विभाजन की पीड़ा और विस्थापन के संघर्ष को किया याद, बीबीएयू में मनाया गया विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस
लखनऊ। बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय में 14 अगस्त को आजादी का अमृत महोत्सव समिति की ओर से विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने की। इस अवसर पर विभाजन के दौरान विस्थापन, संघर्ष और मानवीय पीड़ा से प्रभावित लोगों को याद किया गया।
कार्यक्रम में कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस उस कठिन दौर की याद दिलाता है, जब देश की स्वतंत्रता के लिए असंख्य लोगों ने अपना सर्वस्व न्योछावर किया और अनेक कठिनाइयों का सामना किया। विभाजन के दौरान बड़ी संख्या में लोगों को विस्थापन का दंश झेलना पड़ा। उन्हें अपने घर-परिवार, संपत्ति और जीवन की स्थिरता छोड़कर नए स्थानों पर दोबारा जीवन शुरू करना पड़ा।

उन्होंने कहा कि विस्थापित लोगों को रोजगार, आवास और जीवनयापन से जुड़ी अनेक चुनौतियों के बीच कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। युवा पीढ़ी के लिए यह समझना आवश्यक है कि स्वतंत्रता सहजता से विरासत में नहीं मिली, बल्कि यह लाखों लोगों के त्याग, बलिदान, संघर्ष और दृढ़ संकल्प का परिणाम है।
प्रो. मित्तल ने कहा कि युवाओं का दायित्व है कि वे स्वतंत्रता के मूल्यों को समझते हुए राष्ट्र के प्रति समर्पित भावना से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें। देश के विकास में योगदान केवल बड़े स्तर पर कार्य करने से नहीं, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति अपने स्तर पर जिम्मेदारी निभाकर राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने युवाओं से पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक सरोकारों और मानवीय मूल्यों को प्राथमिकता देते हुए संवेदनशील एवं जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में कार्य करने का आह्वान किया।

आजादी का अमृत महोत्सव समिति की चेयरपर्सन एवं आईक्यूएसी निदेशक प्रो. शिल्पी वर्मा ने कहा कि विभाजन का दौर लाखों परिवारों के जीवन को प्रभावित करने वाली मानवीय त्रासदी थी। इस दौरान बच्चों और महिलाओं सहित समाज के प्रत्येक वर्ग को असहनीय पीड़ा और कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस उन पीड़ाओं और संघर्षों को याद करने का अवसर देता है, ताकि आने वाली पीढ़ियां इतिहास से सीख लेकर शांति, सद्भाव, मानवता और आपसी भाईचारे के मूल्यों को मजबूत कर सकें।
कार्यक्रम में कुलसचिव डॉ. अश्विनी कुमार सिंह, आजादी का अमृत महोत्सव समिति की चेयरपर्सन एवं आईक्यूएसी निदेशक प्रो. शिल्पी वर्मा, कैप्टन (प्रो.) राजश्री, लेफ्टिनेंट (डॉ.) मनोज कुमार डडवाल और डॉ. कोमल सिंह मौजूद रहीं।
इस अवसर पर एनसीसी कैडेट हाथों में तिरंगा ध्वज लेकर उपस्थित रहे। ये तिरंगे ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत उन्हें प्रदान किए गए थे। कार्यक्रम में तिरंगे की मौजूदगी ने देशभक्ति और राष्ट्रप्रेम की भावना को और मजबूत किया।

