LPG पर केंद्र का बड़ा आदेश, PNG कनेक्शन वाले इलाकों में अब सिलेंडर पर सख्ती; राज्यों को दिए निर्देश
नई दिल्ली: मध्य पूर्व में जारी संकट के बीच केंद्र सरकार ने देश में रसोई गैस की आपूर्ति व्यवस्था को लेकर बड़ा कदम उठाया है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया है कि जिन इलाकों में पाइपलाइन वाली प्राकृतिक गैस यानी पीएनजी की सुविधा उपलब्ध है, वहां एलपीजी सिलेंडर की जगह पीएनजी के इस्तेमाल को तेजी से बढ़ावा दिया जाए। सरकार का उद्देश्य एलपीजी पर निर्भरता कम करना और गैस आपूर्ति व्यवस्था को अधिक सुरक्षित एवं व्यवस्थित बनाना है।
PNG पहुंचा तो LPG पर लग सकती है रोक
सरकार के नए निर्देश के मुताबिक जिन इलाकों और आवासीय सोसायटियों में पीएनजी नेटवर्क पहुंच चुका है, वहां एलपीजी और पीएनजी दोनों कनेक्शन रखना प्रतिबंधित होगा। ऐसे उपभोक्ताओं को अपना एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करना होगा। यदि पीएनजी सुविधा उपलब्ध होने के बावजूद उपभोक्ता निर्धारित समय में नया पीएनजी कनेक्शन नहीं लेते हैं, तो उनका एलपीजी कनेक्शन रद्द किया जा सकता है।
नोटिस के बाद भी PNG नहीं लिया तो रद्द होगा LPG कनेक्शन
पेट्रोलियम सचिव नीरज मित्तल की ओर से राज्यों को भेजे गए पत्र में एलपीजी से पीएनजी की ओर स्थानांतरण के नियमों को सख्त करने की जानकारी दी गई है। जिन क्षेत्रों में पीएनजी नेटवर्क उपलब्ध हो चुका है, वहां उपभोक्ताओं को नोटिस दिया जाएगा। नोटिस मिलने के बाद तय अवधि में पीएनजी कनेक्शन नहीं लेने पर एलपीजी कनेक्शन स्वत: रद्द किए जाने की व्यवस्था होगी।
नए गैस नियंत्रण नियमों के तहत व्यवस्था
सरकार ने नए ‘एलपीजी नियंत्रण आदेश 2026’ और ‘प्राकृतिक गैस वितरण आदेश 2026’ के तहत ये निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत एलपीजी और पीएनजी दोनों कनेक्शन एक साथ रखने पर रोक लगाई गई है। सरकार की कोशिश गैस आपूर्ति व्यवस्था को डिजिटल, सुरक्षित और बेहतर तरीके से संचालित करने की है।
मध्य पूर्व संकट के बीच गैस आपूर्ति पर दबाव
अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध को लेकर बनी अनिश्चितता के बीच होर्मुज को लेकर दोनों देशों के दावों से तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित हो रही है। मध्य पूर्व से एशिया की ओर होर्मुज के रास्ते आने वाले तेल और गैस से लदे जहाजों पर इसका असर पड़ा है। इससे गैस आपूर्ति की लागत और व्यवस्था पर दबाव बढ़ा है।
भारत कई देशों से तेल और गैस की आपूर्ति सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन बढ़ी हुई लागत के बीच एलपीजी पर निर्भरता कम करने की दिशा में भी कदम उठाए जा रहे हैं। इसी रणनीति के तहत पीएनजी आधारित रसोई गैस व्यवस्था को प्राथमिकता देने की कोशिश की जा रही है।
हर जिले में बनेगी PNG समन्वय समिति
पीएनजी कनेक्शन की प्रक्रिया को तेजी से लागू करने के लिए सरकार ने राज्यों को स्थानीय स्तर पर समन्वय व्यवस्था तैयार करने को कहा है। तेल वितरण कंपनियों और सिटी गैस वितरण संस्थाओं को प्रत्येक क्षेत्र में पीएनजी समन्वय समिति गठित करने का निर्देश दिया गया है।
राज्यों से कहा गया है कि खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के जिला आपूर्ति अधिकारी स्तर के अधिकारी को जिले का नोडल अधिकारी बनाया जाए। यह व्यवस्था पीएनजी कनेक्शन के विस्तार और एलपीजी से पीएनजी की ओर उपभोक्ताओं के स्थानांतरण की प्रक्रिया में समन्वय करेगी।
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