कौन बनेगा चैंपियन ऑफ द हिस्ट्री प्रतियोगिता में विकास पासवान ने मारी बाजी, 88 अंक हासिल कर जीती ट्रॉफी

बेलवा नोहर: प्रतियोगी परीक्षाएं बच्चों के ज्ञान को परखने के साथ-साथ उनमें आगे बढ़ने और प्रतिस्पर्धा की भावना भी विकसित करती हैं। विद्यालय में चैंपियन बनने की ललक बच्चों को बेहतर तैयारी के लिए प्रेरित करती है, जिससे उनकी प्रतिभा निखरकर सामने आती है। यह बातें विज्ञान शिक्षक मनोज कुमार चतुर्वेदी ने उच्च प्राथमिक विद्यालय बेलवा नोहर में आयोजित “कौन बनेगा चैंपियन ऑफ द हिस्ट्री” प्रतियोगिता में विजेता बच्चों को सम्मानित करते हुए कहीं।

उन्होंने कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएं बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ पढ़ाई के प्रति रुचि भी पैदा करती हैं। प्रतियोगिता के माध्यम से छात्र अपनी क्षमता को पहचानते हैं और बेहतर प्रदर्शन के लिए लगातार प्रयास करते हैं।
72 विद्यार्थियों ने लिया प्रतियोगिता में हिस्सा
विद्यालय के प्रधानाध्यापक श्रवण कुमार सिंह ने बताया कि कक्षा 6 और 7 के कुल 72 विद्यार्थियों ने इस प्रतियोगिता में भाग लिया। परीक्षा में बच्चों की जानकारी और विषय की समझ को परखा गया।
प्रतियोगिता में विकास पासवान ने 100 में से 88 अंक प्राप्त कर चैंपियन का खिताब अपने नाम किया। वहीं सत्यम सिंह दूसरे स्थान पर, आयुष सिंह तीसरे स्थान पर रहे। इसके अलावा भरत सिंह, खुशबू सिंह और विभु त्रिपाठी ने क्रमशः चौथा स्थान हासिल किया।
-------------------------------------------------------------------------------------------
विजेताओं को ट्रॉफी और मेडल देकर किया सम्मानित
प्रतियोगिता के विजेता विकास पासवान को ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया, जबकि अन्य उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को मेडल प्रदान किए गए।
शिक्षक महेश कुमार ने बताया कि प्रतियोगिता के प्रश्न पत्र में कुल 50 प्रश्न शामिल थे। इसमें कक्षा 7 और 8 की संयुक्त रूप से पूरी किताब पर आधारित परीक्षा कराई गई थी।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में शिक्षक अखिलेश कुमार ने भी सहयोग किया। विद्यालय के शिक्षकों ने कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताएं बच्चों में अध्ययन के प्रति उत्साह बढ़ाने और उनकी प्रतिभा को मंच देने का बेहतर माध्यम हैं।

