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मुख्य निर्वाचन आयुक्त को हटाने की मांग, गोंडा में वाम दलों ने प्रदर्शन कर राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन

गोंडा: भारत निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर गोंडा में बुधवार को वाम दलों ने विरोध प्रदर्शन किया। सीपीआई, सीपीआईएम और सीपीआई माले से जुड़े कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग की।

वाम दलों ने ज्ञापन में कहा कि सितंबर 2026 में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, तीन सदस्यीय निर्वाचन आयोग के दो निर्वाचन आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले दस महीनों के दौरान आयोग के फैसलों और प्रक्रियाओं को लेकर 14 बार लिखित आपत्तियां दर्ज कराई हैं। इनमें मतदाता सूची से नाम हटाने, नए मतदाताओं के पंजीकरण और मतदाता डेटाबेस के केंद्रीकरण से जुड़े मुद्दे शामिल बताए गए हैं।

निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल

वाम दलों ने कहा कि दोनों निर्वाचन आयुक्तों की ओर से दर्ज कराई गई आपत्तियों को लेकर निर्वाचन आयोग की पारदर्शिता और सामूहिक निर्णय प्रक्रिया पर सवाल खड़े हुए हैं। प्रदर्शनकारियों ने इन मुद्दों की जांच और निर्वाचन आयोग की स्वतंत्र कार्यप्रणाली सुनिश्चित करने की मांग की।

ज्ञापन में 25 सितंबर को जंतर-मंतर पर वामपंथी दलों की ओर से किए गए प्रदर्शन के दौरान 60 से अधिक लोगों को हिरासत में लिए जाने का भी विरोध किया गया। वाम दलों के नेताओं ने कहा कि शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक विरोध को दबाना उचित नहीं है।

वाम दलों ने रखीं पांच प्रमुख मांगें

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देशव्यापी आह्वान के तहत 26 सितंबर से 2 अक्टूबर तक आयोजित कार्यक्रम के दौरान गोंडा में वाम दलों ने पांच प्रमुख मांगें सामने रखीं। इनमें मुख्य निर्वाचन आयुक्त को पद से हटाकर स्वतंत्र जांच कराने की मांग शामिल है।

इसके अलावा एसआईआर प्रक्रिया पर रोक लगाने और हटाए गए पात्र मतदाताओं के नाम बहाल करने, निर्वाचन आयोग की स्वतंत्र कार्यप्रणाली सुनिश्चित करने, निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति की प्रक्रिया में प्रधानमंत्री, नेता प्रतिपक्ष और मुख्य न्यायाधीश को शामिल करने तथा अनियमितता वाले क्षेत्रों में चुनावों की न्यायिक समीक्षा कराने की मांग की गई।

गोंडा में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने लिया हिस्सा

कार्यक्रम में कामरेड सत्यनारायण त्रिपाठी, कामरेड ईश्वर शरण, कामरेड कौशलेंद्र पांडेय, कामरेड जमाल खान, दीनानाथ त्रिपाठी, राजीव कुमार, आनंद प्रकाश त्रिपाठी, रविशंकर विश्वकर्मा, अमित शुक्ला, कामरेड लल्लन, मुश्ताक अहमद, सदानंद गिरी, मोहम्मद अहमद, सीताराम वर्मा, रामकिशोर भारती, आवेश अहमद, अबरार और सगीर अहमद सहित दर्जनों कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया।

वामपंथी लोकतांत्रिक मोर्चा की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि प्रदर्शन के माध्यम से निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली, एसआईआर और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी मांगें राष्ट्रपति तक पहुंचाई गई हैं।

 

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