पत्रकारिता पर समाज का भरोसा कायम, राजनेताओं पर विश्वास सबसे कम: चौधरी भूपेंद्र सिंह

अयोध्या डेस्क: उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री चौधरी भूपेंद्र सिंह ने कहा कि पत्रकारिता पर समाज का विश्वास आज भी कायम है, जबकि राजनेताओं पर विश्वास सबसे कम है। उन्होंने यह बात अयोध्या के हनुमान बाग आश्रम के सभागार में आयोजित नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (एनयूजे) की दो दिवसीय राष्ट्रीय परिषद की बैठक के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर कही।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय परिषद में पत्रकारों की विभिन्न समस्याओं और मुद्दों पर दो दिनों तक चर्चा होगी। पत्रकारिता के लिए मौजूदा समय बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह डिजिटल और सोशल मीडिया का दौर है। सूचनाओं का प्रवाह और उनकी गति बहुत तेज हो गई है। ऐसे में पत्रकारों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है।
तथ्यों पर आधारित पत्रकारिता लोकतंत्र के लिए जरूरी
चौधरी भूपेंद्र सिंह ने कहा कि सच को सामने लाना और तथ्यों पर आधारित पत्रकारिता करना लोकतंत्र तथा सामाजिक एकता को मजबूत करता है। इसके विपरीत सुनी-सुनाई बातों और बिना तथ्यों के आधार पर की गई पत्रकारिता समाज को नुकसान पहुंचा सकती है।
उन्होंने कहा कि पत्रकारों के सामने आज बड़ी चुनौती है और उन्हें अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से निभाना होगा।
राम मंदिर आंदोलन में पत्रकारों के योगदान का किया उल्लेख
कैबिनेट मंत्री ने अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर निर्माण का उल्लेख करते हुए कहा कि पांच सौ साल के संघर्ष के बाद अयोध्या में भव्य और दिव्य राम मंदिर का निर्माण हुआ है। इसके लिए लंबा आंदोलन चला और अदालती लड़ाई भी हुई।
उन्होंने कहा कि इस आंदोलन के दौरान पत्रकारों का सहयोग महत्वपूर्ण रहा। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया ने आंदोलन को मुखर किया और इसकी कवरेज को प्रमुखता दी। जब इस आंदोलन की सफलता का इतिहास लिखा जाएगा, तब पत्रकारों के योगदान का भी उल्लेख किया जाएगा।
योगी सरकार में नए रूप में संवर रही अयोध्या
चौधरी भूपेंद्र सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या सज रही है और नए रूप में संवर रही है। उन्होंने कहा कि अयोध्या में त्रेता कालीन युग का गौरव लौट रहा है।
उन्होंने कहा कि कभी यहां राम विरोधियों ने आस्था पर कुठाराघात किया था, लेकिन आज अयोध्या में दीपोत्सव का आयोजन होता है।
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भाजपा के संकल्पों का भी किया जिक्र
उन्होंने कहा कि भाजपा का कोई छिपा हुआ एजेंडा नहीं है। पालमपुर बैठक में भाजपा ने राम मंदिर निर्माण की बाधाएं दूर करने का संकल्प व्यक्त किया था। इसके साथ ही पार्टी ने अनुच्छेद 370 हटाने और समान नागरिक संहिता की भी बात कही थी।
एनयूजे अध्यक्ष बोले- 1972 में हुई थी संगठन की स्थापना
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि जनता दल (सेकुलर) के प्रदेश अध्यक्ष ओंकार सिंह ने कहा कि देश के कई बड़े राजनेता पत्रकार रहे हैं। उन्होंने महात्मा गांधी, जयप्रकाश नारायण और डॉ. राममनोहर लोहिया का उल्लेख किया।
एनयूजे के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेश शर्मा ने कहा कि सैद्धांतिक पत्रकारिता और वैचारिक संघर्ष के साथ एनयूजे की स्थापना वर्ष 1972 में हुई थी। उन्होंने कहा कि उनके संगठन ने वर्ष 1975 में आपातकाल का विरोध किया था। आज भी समाज का पत्रकारिता पर सबसे ज्यादा विश्वास है।
22 राज्यों से करीब 200 प्रतिनिधि ले रहे हिस्सा
उद्घाटन समारोह में नगर विधायक वेद प्रकाश गुप्ता, महापौर गिरीश पति त्रिपाठी, एनयूजे महासचिव त्रियुग नारायण तिवारी और उपज महामंत्री आनंद कर्ण ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
अतिथियों का स्वागत उत्तर प्रदेश एसोसिएशन ऑफ जर्नलिस्ट्स (उपज) के प्रदेश अध्यक्ष सर्वेश कुमार सिंह ने किया। आभार अयोध्या उपज के अध्यक्ष प्रो. कृष्ण मुरारी सिंह ने व्यक्त किया, जबकि मंच संचालन विवेकानंद पांडे ने किया।
एनयूजे की राष्ट्रीय परिषद की बैठक में 22 राज्यों से लगभग 200 प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं।
