अमरनाथ यात्रा पर बड़ा आतंकी खतरा! ड्रोन और लिक्विड बम हमले की आशंका, हाई अलर्ट पर सुरक्षा एजेंसियां
श्रीनगर: इस वर्ष अमरनाथ यात्रा को लेकर सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं। खुफिया इनपुट के आधार पर यात्रा पर ड्रोन और लिक्विड बम के जरिए संभावित हमले की आशंका जताई गई है। पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में बदले हालात के बीच सुरक्षा एजेंसियों ने अलर्ट जारी किया है, जिसके बाद यात्रा मार्ग और उससे जुड़े क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया गया है।
लिक्विड एक्सप्लोसिव डिटेक्टर की संख्या बढ़ाई गई

संभावित खतरे को देखते हुए सुरक्षा तंत्र में कई अहम बदलाव किए गए हैं। इस बार यात्रा के दौरान लिक्विड विस्फोटकों की पहचान के लिए विशेष डिटेक्टरों की संख्या बढ़ा दी गई है। सुरक्षा एजेंसियां हर स्तर पर निगरानी बढ़ाते हुए किसी भी संभावित खतरे को समय रहते निष्क्रिय करने की तैयारी में जुटी हैं।
ड्रोन और एंटी-ड्रोन सिस्टम से सुरक्षा कवच मजबूत
हवाई खतरों से निपटने के लिए यात्रा मार्ग पर ड्रोन और एंटी-ड्रोन सुरक्षा प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाया गया है। सेना और सुरक्षा एजेंसियां पूरे क्षेत्र में बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा तैयार कर रही हैं ताकि यात्रा को किसी भी आतंकी चुनौती से सुरक्षित रखा जा सके। थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी का उत्तरी कमान का दौरा भी इसी व्यापक सुरक्षा रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
गृह मंत्रालय और पीएमओ की सीधी निगरानी
सुरक्षा एजेंसियों के अलर्ट के बाद अमरनाथ यात्रा की तैयारियों पर केंद्र सरकार की विशेष नजर है। केंद्रीय गृह मंत्रालय और प्रधानमंत्री कार्यालय स्तर पर लगातार स्थिति की समीक्षा की जा रही है। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा भी नियमित रूप से सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा बैठकें कर रहे हैं।
अमित शाह की अध्यक्षता में होगी अहम बैठक
12 जून को दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक प्रस्तावित है। बैठक में अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा होगी। इसमें उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, सेना और विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे।
यात्रा मार्ग पर तैयार हो रही अभेद्य सुरक्षा दीवार
यात्रा मार्ग से जुड़े जंगलों, पहाड़ी इलाकों और मैदानी क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की जा रही है। एडवांस सिक्योरिटी चेकिंग के साथ यात्रियों की निगरानी भी बढ़ाई जाएगी। यात्रा मार्ग पर भंडारे लगाने वाले लोगों और संस्थाओं को भी चार चरणों वाली सुरक्षा जांच प्रक्रिया से गुजरना पड़ रहा है।

कड़ी सुरक्षा में होगी अमरनाथ यात्रा
670 कंपनियां रहेंगी तैनात
अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा के लिए केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की 670 कंपनियों को तैनात किया जाएगा।
नो-फ्लाइंग जोन घोषित
यात्रा मार्ग को नो-फ्लाइंग जोन घोषित किया गया है ताकि किसी भी अनधिकृत हवाई गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।
एआई कैमरों से होगी निगरानी
पूरे यात्रा मार्ग पर एआई आधारित कैमरों और फेस रिकग्निशन तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा सके।
आरएफआईडी ट्रैकिंग सिस्टम लागू
यात्रियों की रियल टाइम लोकेशन ट्रैकिंग के लिए आरएफआईडी आधारित व्यवस्था की गई है।
ड्रोन और एंटी-ड्रोन नेटवर्क सक्रिय
हवाई हमलों की आशंका को देखते हुए ड्रोन और एंटी-ड्रोन सिस्टम को पूरी तरह सक्रिय रखा जाएगा।
रूट की पहले होगी तलाशी
यात्रियों के गुजरने से पहले पूरे यात्रा मार्ग की सुरक्षा जांच और तलाशी अभियान चलाया जाएगा।
सुरक्षा घेरे में चलेंगे वाहन
यात्रियों के वाहनों को सुरक्षा बलों की निगरानी और एस्कॉर्ट के साथ एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाया जाएगा।
