Canwiz MD पर धोखाधड़ी का एक और केस, अब तक 99 मुकदमे; 23.50 लाख की ठगी का आरोप
बरेली: कैनविज कंपनी के मालिक कन्हैया गुलाटी के खिलाफ धोखाधड़ी का एक और मुकदमा दर्ज हुआ है। कोर्ट के आदेश पर बिथरी चैनपुर पुलिस ने कन्हैया गुलाटी और उनकी पत्नी के खिलाफ 23.50 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। इस नए केस के साथ कन्हैया गुलाटी पर दर्ज मुकदमों की संख्या 99 हो गई है।
बिथरी चैनपुर क्षेत्र के मोहनपुर उर्फ रामनगर निवासी बादाम सिंह ने आरोप लगाया है कि निवेश के नाम पर उनसे 23.50 लाख रुपये लिए गए। उन्होंने मामले की शिकायत अदालत में की थी, जिसके बाद कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

22 लाख रुपये खुद और 1.50 लाख बेटे के निवेश कराए
बादाम सिंह के मुताबिक, गांव के कुछ लोगों के माध्यम से उनकी मुलाकात कन्हैया गुलाटी से हुई थी। आरोप है कि कैनविज के कार्यालय में कन्हैया गुलाटी और उनकी पत्नी ने निवेश पर बड़ा मुनाफा देने का भरोसा दिलाया। इसके बाद उन्होंने अलग-अलग तारीखों में ऑनलाइन माध्यम से कंपनी में 22 लाख रुपये निवेश किए।
बादाम सिंह ने अपने बेटे के 1.50 लाख रुपये भी कंपनी में निवेश कराए। आरोप है कि कन्हैया गुलाटी ने रकम की गारंटी के तौर पर 11-11 लाख रुपये के दो चेक दिए और 22 महीने में निवेश की रकम दोगुनी होने का भरोसा दिलाया।
रकम मांगने पर गाली-गलौज और धमकी का आरोप
शिकायतकर्ता का आरोप है कि बाद में कन्हैया गुलाटी फरार हो गए। जब उन्होंने कंपनी के कार्यालय पहुंचकर अपनी रकम वापस मांगी तो उनके साथ कथित तौर पर गाली-गलौज की गई और जान से मारने की धमकी दी गई। इसके बाद परेशान होकर उन्होंने अदालत का रुख किया।
बिथरी पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक कन्हैया गुलाटी के खिलाफ बरेली के अलावा अन्य जिलों में भी धोखाधड़ी के मुकदमे दर्ज हैं।
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2007 में शुरू हुई थी कैनविज नेटवर्क मार्केटिंग कंपनी
रिपोर्ट के अनुसार, समूह ने वर्ष 2007 में कैनविज नेटवर्क मार्केटिंग कंपनी शुरू कर निवेशकों से रकम जुटाई थी। लोगों को तीन से चार वर्ष में रकम दोगुनी करने का भरोसा दिया जाता था। साथ ही मूलधन पर हर महीने ब्याज देने की बात भी कही जाती थी। इस भरोसे पर बड़ी संख्या में लोगों ने कंपनी में पैसा लगाया।
बाद में समूह ने रियल एस्टेट में निवेश की योजना बनाई। निवेशकों को कहीं रकम दोगुनी करने तो कहीं कैनविज कॉलोनियों में प्लॉट देने का झांसा दिया गया। भरोसा बनाए रखने के लिए कुछ निवेशकों को जमा रकम का एक हिस्सा लाभांश के रूप में दिए जाने की भी बात सामने आई।
कंपनी बंद होने के बाद सामने आया निवेशकों की रकम डूबने का मामला
पिछले वर्ष कंपनी बंद होने के बाद निवेशकों को कथित धोखाधड़ी की जानकारी हुई। आरोप है कि समूह से जुड़े लोग अपनी संपत्तियां बेचकर फरार हो गए। निवेशकों की रकम डूबने के बाद बरेली और आसपास के जिलों के अलावा बिहार और झारखंड में भी 50 से अधिक मुकदमे दर्ज किए गए।
बड़े पैमाने पर निवेशकों की रकम डूबने के मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने भी धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत मामला दर्ज कर जांच की थी। अब बिथरी चैनपुर में दर्ज नए मुकदमे में पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों और निवेश से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है।

