NEET अभ्यर्थियों और जंतर-मंतर आंदोलन में जान गंवाने वाले छात्रों की याद में कांग्रेस का कैंडल मार्च, केंद्र सरकार पर साधा निशाना
गोंडा: प्रदेश कांग्रेस के आह्वान पर सोमवार को गोंडा में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एनईईटी परीक्षा से जुड़ी घटनाओं तथा जंतर-मंतर आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले छात्रों की स्मृति में कैंडल मार्च निकाला। मार्च के दौरान दिवंगत छात्रों को श्रद्धांजलि दी गई और उनकी आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया।
कांग्रेस कार्यालय से पीपल चौराहा तक निकला कैंडल मार्च

कैंडल मार्च की शुरुआत गोंडा स्थित कांग्रेस भवन से हुई, जिसका नेतृत्व पूर्व विधायक एवं जिला अध्यक्ष रामप्रताप सिंह और कांग्रेस कमेटी शहर गोंडा के अध्यक्ष शाहिद अली कुरेशी ने संयुक्त रूप से किया। मार्च पीपल चौराहा स्थित राजेंद्र नाथ लाहिड़ी की प्रतिमा तक पहुंचा, जहां कार्यकर्ताओं ने मोमबत्तियां जलाकर श्रद्धांजलि अर्पित की।
केंद्र सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार की शिक्षा व्यवस्था और छात्रों से जुड़े मामलों को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा छात्रों और युवाओं की आवाज का परिणाम है, लेकिन यह संघर्ष का अंत नहीं बल्कि शुरुआत है।
जंतर-मंतर की घटना पर प्रधानमंत्री से माफी की मांग

कांग्रेस नेताओं ने जंतर-मंतर पर आंदोलनरत छात्रों के साथ हुई कथित कार्रवाई का उल्लेख करते हुए कहा कि इस मामले में प्रधानमंत्री को देश से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। उनका आरोप था कि छात्रों के भविष्य के साथ अन्याय हुआ है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए प्रभावित परिवारों को न्याय मिलना चाहिए।
बड़ी संख्या में जुटे कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता
कार्यक्रम में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। इस दौरान पूर्व जिला अध्यक्ष प्रमोद मिश्रा, डॉ. सैयद अब्दुल मुजीब, हनुमान प्रसाद, शिवकुमार दुबे, अजय कुमार रस्तोगी, जैनुलआब्दीन, बेबी मिश्रा, मोहम्मद इमरान, प्रद्युम्न शुक्ला सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।

