उत्तर प्रदेश

जंतर-मंतर पर अभद्र भाषा बोलने वालों पर शिकंजा! यूपी के युवाओं की पहचान में जुटीं साइबर टीमें, वायरल वीडियो खंगाले जा रहे

आगरा: दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक रूप से अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने वाले युवाओं की पहचान का दायरा अब उत्तर प्रदेश तक पहुंच गया है। वायरल वीडियो और रील्स के आधार पर प्रदेश के विभिन्न जिलों की साइबर सेल यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस घटनाक्रम में उत्तर प्रदेश के कितने युवा शामिल थे। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो और संबंधित खातों की जांच की जा रही है।

सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर कार्रवाई की मांग लगातार उठ रही है। इसी बीच नोएडा के एक्सप्रेसवे थाना क्षेत्र में एक युवती के खिलाफ जीरो एफआईआर दर्ज की गई है। चूंकि घटना दिल्ली के जंतर-मंतर की है, इसलिए मामले की आगे की विवेचना दिल्ली पुलिस करेगी।

वायरल वीडियो और सोशल मीडिया खातों की जांच तेज

जांच एजेंसियां वायरल रील्स और वीडियो के जरिए संबंधित लोगों की पहचान करने में जुटी हैं। सीसीटीवी फुटेज और सोशल मीडिया पर उपलब्ध डिजिटल सामग्री को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है। अधिकारियों का उद्देश्य यह पता लगाना है कि सार्वजनिक स्थान पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने वाले लोगों की भूमिका क्या थी और उनमें उत्तर प्रदेश के कितने युवक शामिल थे।

इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला

पुलिस ने सार्वजनिक उपद्रव, मानहानि, अपमान और शांतिभंग से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। चूंकि इन धाराओं में अधिकतम सात वर्ष से कम सजा का प्रावधान है, इसलिए सामान्य परिस्थितियों में तत्काल गिरफ्तारी नहीं होती। हालांकि मामले में वीडियो के रूप में डिजिटल साक्ष्य उपलब्ध हैं, जिनके आधार पर पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई करते हुए आरोपपत्र दाखिल कर सकती है।

विशेषज्ञों ने दी करियर को लेकर चेतावनी

कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार युवाओं को यह अंदाजा नहीं होता कि अपेक्षाकृत हल्की धाराओं में दर्ज आपराधिक मामला भी उनके भविष्य और करियर पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है। ऐसे मामलों का रिकॉर्ड आगे चलकर विभिन्न नौकरियों और अन्य प्रक्रियाओं में बाधा बन सकता है।

 

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