गोंडा मनोरंजन संस्थान का हुआ कायाकल्प, रेल कर्मचारियों के परिवारों को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं; बच्चों के लिए कई गतिविधियां शुरू

गोण्डा: रेल कर्मचारियों और उनके परिवारजनों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से गोंडा मनोरंजन संस्थान का उन्नयन और सौंदर्यीकरण कराया गया है। संस्थान में आधारभूत सुविधाओं को आधुनिक स्वरूप देने के साथ बच्चों के मनोरंजन, व्यक्तित्व विकास और प्रतिभा निखारने के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।

टॉयलेट-बाथरूम से लेकर जल व्यवस्था तक में सुधार
उन्नयन कार्य के तहत सभी टॉयलेट और बाथरूम में नए पानी के कनेक्शन, सैनिटरी फिटिंग और टाइल्स लगाई गई हैं। सेप्टिक टैंक और सोकपिट की मरम्मत के साथ नई जल पाइपलाइन भी बिछाई गई है। छत, आरसीसी सीलिंग और लकड़ी के बीम-पर्लिन की पेंटिंग कराई गई है।
हॉल और स्टेज में टाइल फ्लोरिंग
संस्थान के दो कमरों में जीआई शीट लगाई गई है, जबकि एक कमरे में फॉल्स सीलिंग का कार्य कराया गया है। हॉल और स्टेज पर टाइल फ्लोरिंग कराई गई है। परिसर में सीसी सड़क का निर्माण, बाउंड्रीवाल की मरम्मत और पेंटिंग के साथ भवन की पेंटिंग भी कराई गई है।
लॉन टर्फिंग से परिसर को मिला आकर्षक स्वरूप
मनोरंजन संस्थान के परिसर में लॉन टर्फिंग कराकर इसे बेहतर और आकर्षक स्वरूप दिया गया है। इन कार्यों के बाद संस्थान में रेल कर्मचारियों और उनके परिवारजनों के लिए सुविधाजनक वातावरण तैयार किया गया है।

बच्चों के लिए गायन, वादन और जूडो-कराटे की गतिविधियां
रेल कर्मचारियों के बच्चों के लिए संस्थान में गायन, वादन, नृत्य, जूडो-कराटे समेत विभिन्न मनोरंजक और शिक्षाप्रद गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इन कार्यक्रमों के जरिए बच्चों में आत्मविश्वास, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, टीम भावना और शारीरिक स्फूर्ति विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है।
मनोरंजन के साथ प्रतिभा निखारने का अवसर
संस्थान में आयोजित गतिविधियों से बच्चों को मनोरंजन के साथ अपनी प्रतिभा को पहचानने और उसे निखारने का अवसर मिल रहा है। इन कार्यक्रमों के जरिए बच्चों के सर्वांगीण विकास पर भी जोर दिया जा रहा है।
परिवारों के कल्याण पर मंडल प्रशासन का जोर
मंडल रेल प्रबंधक गौरव अग्रवाल ने कहा कि लखनऊ मंडल प्रशासन का उद्देश्य मनोरंजन संस्थान को आधुनिक सुविधाओं से युक्त बनाना है। इसके जरिए रेल कर्मचारियों और उनके परिवारजनों के कल्याण के साथ सामाजिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है।
