DK शिवकुमार के CM बनने का रास्ता कैसे हुआ साफ? सत्ता परिवर्तन के पीछे प्रियंका गांधी की अहम भूमिका
नई दिल्ली: कर्नाटक कांग्रेस में लंबे समय से चल रहा सत्ता संघर्ष अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचता नजर आ रहा है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया द्वारा पद छोड़ने के संकेतों के बीच पार्टी के भीतर नेतृत्व परिवर्तन को लेकर चल रही चर्चाओं में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा की भूमिका अहम मानी जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस नेतृत्व के भीतर पिछले कई महीनों से मुख्यमंत्री पद को लेकर मंथन जारी था। इसी दौरान प्रियंका गांधी लगातार पार्टी हाईकमान से यह कहती रही थीं कि कठिन परिस्थितियों में पार्टी के साथ खड़े रहने वाले नेताओं को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।

प्रियंका गांधी ने रखा ‘वफादारी’ का मुद्दा
सूत्रों के अनुसार, प्रियंका गांधी ने पार्टी नेतृत्व के सामने साफ तौर पर यह बात रखी थी कि जिन नेताओं ने जांच एजेंसियों के दबाव और राजनीतिक संकट के बावजूद कांग्रेस का साथ नहीं छोड़ा, पार्टी को भी उनके कठिन समय में उनके साथ मजबूती से खड़ा रहना चाहिए।
बताया जा रहा है कि उन्होंने ऐसे नेताओं को संगठन और सरकार दोनों में उचित महत्व देने की वकालत की। राजनीतिक गलियारों में इसे डीके शिवकुमार के समर्थन के रूप में देखा जा रहा है।
सिद्धारमैया ने कहा- राहुल गांधी जो कहेंगे, वही करूंगा
कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद को लेकर जारी अटकलों के बीच सिद्धारमैया ने कैबिनेट मंत्रियों के साथ हुई बैठक में बड़ा संकेत दिया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जो फैसला करेंगे, वह उसे स्वीकार करेंगे।
सूत्रों के मुताबिक, बैठक के दौरान सिद्धारमैया ने अपने मंत्रिमंडल के सहयोगियों का आभार भी जताया। इसके बाद नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाओं को और बल मिला।
खरगे और सोनिया गांधी भी बदलाव के पक्ष में

सूत्रों की मानें तो कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी भी नेतृत्व परिवर्तन के पक्ष में बताए जा रहे हैं।
पार्टी नेतृत्व का मानना है कि कर्नाटक में संगठनात्मक संतुलन और आगामी राजनीतिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए सत्ता परिवर्तन जरूरी हो सकता है।
राहुल गांधी ने संभाली मध्यस्थ की भूमिका
बताया जा रहा है कि राहुल गांधी ने इस पूरे घटनाक्रम में मध्यस्थ की भूमिका निभाई। उन्होंने सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार दोनों के साथ संयुक्त और अलग-अलग बैठकें कीं।
इन बैठकों में राहुल गांधी ने पार्टी एकता बनाए रखने और किसी भी स्थिति में आंतरिक टकराव से बचने पर जोर दिया।
कांग्रेस में नए समीकरणों की शुरुआत?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि डीके शिवकुमार मुख्यमंत्री बनते हैं तो यह सिर्फ नेतृत्व परिवर्तन नहीं बल्कि कर्नाटक कांग्रेस में नए राजनीतिक समीकरणों की शुरुआत होगी साथ ही यह संदेश भी जाएगा कि कांग्रेस नेतृत्व संगठन के प्रति लंबे समय से वफादार नेताओं को अहम जिम्मेदारियां देने के पक्ष में है।
