गाजियाबाद में 3 लाख संपत्तियों का ब्याज होगा माफ, ओटीएस योजना में ऐसे मिलेगा फायदा; 15 दिसंबर तक मौका
गाजियाबाद: गाजियाबाद नगर निगम ने बकाया गृहकर, जलकर और सीवर कर जमा करने वालों को बड़ी राहत दी है। एकमुश्त समाधान योजना के तहत शहर की करीब तीन लाख संपत्तियों पर लगा ब्याज और सरचार्ज पूरी तरह माफ किया जाएगा। योजना के तहत करदाताओं को सिर्फ मूल बकाया राशि जमा करनी होगी। करीब 220 करोड़ रुपये के ब्याज से राहत मिलने का अनुमान है। योजना का लाभ केंद्र और प्रदेश सरकार के कार्यालयों को भी मिलेगा।
शासन के निर्देश पर यह योजना 15 अगस्त से लागू हो गई है और 15 दिसंबर तक जारी रहेगी। नगर निगम का सॉफ्टवेयर अपडेट होने के बाद करदाता योजना के तहत बकाया जमा करने के लिए पंजीकरण करा सकेंगे।

एक अप्रैल 2026 तक के बकाये पर मिलेगी राहत
मुख्य कर निर्धारण अधिकारी अनिरुद्ध सिंह के मुताबिक, योजना के तहत एक अप्रैल 2026 तक के लंबित बकाये पर राहत दी जाएगी। जिन करदाताओं ने समय पर गृहकर जमा नहीं किया और उनके बकाये पर ब्याज और सरचार्ज बढ़ता गया, उन्हें ओटीएस के तहत इसका लाभ मिलेगा।
इस योजना में आवासीय, व्यावसायिक और मिश्रित उपयोग वाली संपत्तियों को शामिल किया गया है। निगम के अनुसार, शहरी क्षेत्र में करीब तीन लाख ऐसी संपत्तियां हैं जिन पर ब्याज बकाया है। इन संपत्तियों पर कुल करीब 220 करोड़ रुपये का ब्याज जमा है, जिसे योजना के तहत पूरी तरह माफ किया जाएगा।
एक तिहाई रकम पहले, बाकी दो किस्तों में जमा करनी होगी
ओटीएस योजना का लाभ लेने वाले करदाताओं को योजना लागू होने के 30 दिन के भीतर मूल बकाये की एक तिहाई राशि जमा करनी होगी। इसके बाद बची हुई राशि दो किस्तों में जमा करने का प्रावधान है। शेष राशि दो महीने के भीतर जमा करनी होगी।
इस तरह करदाताओं को ब्याज और सरचार्ज की अतिरिक्त रकम दिए बिना मूल बकाया चुकाने का मौका मिलेगा।

नगर पालिका और नगर निकायों में भी लागू होगी योजना
एकमुश्त समाधान योजना का लाभ सिर्फ गाजियाबाद नगर निगम क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा। नगर पालिका लोनी, मोदीनगर, मुरादनगर और खोड़ा के साथ नगर पंचायत डासना, पतला, फरीदनगर और निवाड़ी के करदाता भी योजना का लाभ उठा सकेंगे।
इन निकाय क्षेत्रों में भी बड़ी संख्या में लोगों पर संपत्तिकर बकाया है। योजना के जरिए पुराने बकाये की वसूली करने के साथ करदाताओं को ब्याज में राहत देने की तैयारी है।
सरकारी कार्यालयों का भी ब्याज होगा माफ
ओटीएस योजना में केंद्र और प्रदेश सरकार के कार्यालयों को भी शामिल किया गया है। मुख्य कर निर्धारण अधिकारी के अनुसार, कई सरकारी कार्यालयों ने वर्षों से संपत्ति कर जमा नहीं किया है। नगर निगम की ओर से पहले ऐसे विभागों को नोटिस भी भेजे गए थे, लेकिन इसके बावजूद बकाया जमा नहीं हुआ।
समय पर कर जमा नहीं होने के कारण इन विभागों पर ब्याज की रकम बढ़ती गई। अब ओटीएस योजना के तहत सरकारी कार्यालयों को भी ब्याज से पूरी राहत मिलेगी और उन्हें मूल बकाया राशि जमा करनी होगी।
