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कॉकरोच एक्टिविस्ट के पिता की मौत पर बड़ा अपडेट, 8 गिरफ्तार; पुलिस ने हमले से मौत की बात नकारी

कोलकाता: कॉकरोच जनता पार्टी के कार्यकर्ता के पिता शेख मोहम्मद मफीक की मौत के मामले में पश्चिम बंगाल पुलिस ने आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने हत्या समेत कई धाराओं में मामला दर्ज किया है। हालांकि, पुलिस ने उन दावों को खारिज किया है कि मफीक की मौत किसी गंभीर शारीरिक हमले के कारण हुई। पुलिस के मुताबिक, घटना के दौरान उन्हें मामूली चोट लगी थी और बाद में रक्तचाप में गंभीर उतार-चढ़ाव के बाद अस्पताल में उनकी मौत हुई।

पुलिस के अनुसार, मामले में नामजद तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि पांच अन्य संदिग्धों को भी पकड़ा गया है। सभी आठ आरोपियों को आठ दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया है। वहीं, दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं और उनकी तलाश जारी है।

13 अगस्त की रात हुई थी घटना

पुलिस के मुताबिक, घटना 13 अगस्त की रात बांकुड़ा जिले के इंदास में हुई थी। आरोप है कि कुछ लोग शेख अब्दुल हफीज के घर पहुंचे और उनका रास्ता रोक लिया। हफीज उसी दिन सुबह करिसुंडा पश्चिमपाड़ा प्राथमिक स्कूल गए थे, जहां उन्होंने स्कूल में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली थी।

पुलिस के अनुसार, इसी घटनाक्रम के दौरान हफीज के पिता शेख मोहम्मद मफीक को मामूली चोट लगी थी। चोट के इलाज के लिए उन्हें एक टांका लगाया गया था। पुलिस का कहना है कि उस समय उनकी चोट जानलेवा नहीं थी।

अस्पताल में इलाज के दौरान हुई मौत

पुलिस ने बताया कि 15 अगस्त की सुबह शेख मोहम्मद मफीक के रक्तचाप में गंभीर उतार-चढ़ाव हुआ। इसके बाद उन्हें बर्दवान मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। पुलिस के अनुसार, अस्पताल में इलाज कर रहे डॉक्टरों को उनके शरीर पर कोई ऐसी चोट नहीं मिली, जिसे जानलेवा माना जा सके।

इलाज के दौरान मफीक की मौत हो गई। इसके बाद उनकी मौत को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए और सोशल मीडिया पर भी यह बात प्रसारित हुई कि गंभीर शारीरिक हमले के कारण उनकी जान गई।

सोशल मीडिया के दावों को पुलिस ने बताया गलत

पश्चिम बंगाल पुलिस ने सोशल मीडिया पर मफीक की मौत को गंभीर शारीरिक हमले से जोड़कर किए जा रहे दावों को गलत बताया है। पुलिस का कहना है कि घटना और मौत को लेकर सोशल मीडिया पर गलत सूचना प्रसारित की जा रही है।

हालांकि, मफीक के परिवार की शिकायत के आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की और इसी जांच के दौरान आठ लोगों की गिरफ्तारी की गई।

हत्या समेत कई धाराओं में दर्ज हुआ मामला

मफीक के परिवार की शिकायत पर दर्ज प्राथमिकी में भारतीय न्याय संहिता की कई धाराएं लगाई गई हैं। इनमें हत्या, आपराधिक साजिश, झपटमारी, गंभीर आपराधिक धमकी, आपराधिक अतिक्रमण और गंभीर चोट पहुंचाने से संबंधित धाराएं शामिल हैं।

पुलिस के मुताबिक, मामले में गिरफ्तार आठों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। फरार दो आरोपियों को पकड़ने के लिए भी तलाश जारी है। हफीज के घर की सुरक्षा के लिए वहां एक होमगार्ड की तैनाती की गई है।

CJP ने बीजेपी से जुड़े लोगों पर लगाया आरोप

कॉकरोच जनता पार्टी ने आरोप लगाया है कि मफीक और उनके परिवार पर हमला करने वाले लोग भारतीय जनता पार्टी से जुड़े हुए थे। संगठन का कहना है कि हफीज उसके स्कूल सर्वे अभियान के तहत स्थानीय स्कूल का जायजा लेने गए थे और इसी वजह से कुछ लोग नाराज थे।

हालांकि, भाजपा ने इस घटना में अपनी पार्टी या संगठन से जुड़े लोगों की संलिप्तता से इनकार किया है। CJP नेता आशुतोष रांका ने मफीक की मौत के लिए कथित तौर पर जिम्मेदार लोगों की गिरफ्तारी की मांग की है।

CJP ने सरकार को दिया 10 दिन का समय

CJP ने पश्चिम बंगाल सरकार से मफीक की मौत के लिए कथित तौर पर जिम्मेदार सभी लोगों को गिरफ्तार करने की मांग की है। संगठन ने सरकार को कार्रवाई के लिए 10 दिन का समय दिया है। इसके साथ ही आरोपियों के खिलाफ उचित कानूनी धाराएं लगाने की मांग भी की गई है।

संगठन ने चेतावनी दी है कि अगर उसकी मांगों पर तय समय में कार्रवाई नहीं हुई तो स्थानीय प्रशासनिक कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन किया जाएगा।

मफीक के नाम पर स्कूल बनाने की मांग

CJP के पूर्व और पूर्वोत्तर क्षेत्र के प्रभारी अंकित भारद्वाज ने कहा कि हफीज आर्थिक मुआवजा नहीं चाहते हैं। उनकी मांग है कि मफीक की स्मृति में उनके गांव और जिले में एक विश्वस्तरीय स्कूल बनाया जाए।

CJP ने यह भी कहा है कि सदस्य आकाश प्रेम के नेतृत्व में संगठन का एक प्रतिनिधिमंडल हफीज के घर पर रहेगा। इस मामले में पुलिस की जांच और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी पर अब नजर है।

 

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