मॉनसून सत्र से पहले एनडीए का बड़ा प्लान तैयार, 7 अहम विधेयकों पर फोकस; राजनाथ सिंह के दफ्तर में हुई रणनीतिक बैठक
नई दिल्ली: संसद के आगामी मॉनसून सत्र से पहले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने अपनी रणनीति को अंतिम रूप देने के लिए शुक्रवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के कार्यालय में अहम बैठक की। करीब एक घंटे से अधिक समय तक चली इस बैठक में सरकार ने सत्र के दौरान विधायी कामकाज को गति देने, विपक्ष की रणनीति का जवाब देने और प्रमुख विधेयकों को पारित कराने को लेकर विस्तृत मंथन किया।
बैठक में गृह मंत्री अमित शाह, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल के साथ सहयोगी दलों के वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे। इनमें जनता दल (यू) के ललन सिंह और तेलुगु देशम पार्टी के राम मोहन नायडू शामिल थे। बैठक का मुख्य उद्देश्य मॉनसून सत्र के दौरान प्रभावी फ्लोर मैनेजमेंट सुनिश्चित करना और सरकार के विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाने की रणनीति तय करना रहा।

मॉनसून सत्र में पेश होंगे पांच नए विधेयक
सरकार इस सत्र के दौरान पांच नए विधेयक संसद में पेश करने की तैयारी कर रही है। इनमें दो विधेयक हाल ही में जारी अध्यादेशों का स्थान लेंगे।
प्रस्तावित विधेयकों में आयकर (संशोधन) विधेयक, 2026, सर्वोच्च न्यायालय (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026, जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026, राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026 तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विकास संशोधन विधेयक, 2026 शामिल हैं।
दो लंबित विधेयकों पर भी रहेगा सरकार का जोर

सरकार पहले से लंबित दो महत्वपूर्ण विधेयकों को भी आगे बढ़ाने की तैयारी में है। विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 इस वर्ष मार्च में लोकसभा में पेश किया जा चुका है।
इसके अलावा विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक, 2025 को दिसंबर 2025 में लोकसभा में पेश किए जाने के बाद संयुक्त संसदीय समिति को भेजा गया था। अब इस पर समिति की रिपोर्ट संसद के पटल पर रखी जा सकती है।
फ्लोर मैनेजमेंट और विपक्ष की रणनीति पर भी हुआ मंथन
बैठक में मॉनसून सत्र के दौरान विपक्ष की ओर से उठाए जाने वाले संभावित मुद्दों और सरकार की जवाबी रणनीति पर भी विस्तार से चर्चा हुई। साथ ही सहयोगी दलों के साथ बेहतर समन्वय बनाए रखते हुए संसद की कार्यवाही को सुचारु रूप से संचालित करने पर भी जोर दिया गया।
