Tuesday, June 9, 2026
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रेलवे का 40 साल पुराना रिजर्वेशन सिस्टम होगा बंद! अगस्त से टिकट बुकिंग में आएगा बड़ा बदलाव, यात्रियों को मिलेंगी कई नई सुविधाएं

नई दिल्ली: भारतीय रेलवे अपने करीब 40 साल पुराने पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (PRS) को बदलने की तैयारी में है। वर्ष 1986 से इस्तेमाल हो रहे इस सिस्टम की जगह अब अत्याधुनिक तकनीक से लैस नया रिजर्वेशन प्लेटफॉर्म लाया जाएगा। रेलवे का दावा है कि इससे टिकट बुकिंग पहले की तुलना में अधिक तेज, आसान और भरोसेमंद हो जाएगी। अगस्त 2026 से इस नई व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।

अगस्त से शुरू होगी नई व्यवस्था

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हाल ही में इस महत्वाकांक्षी परियोजना की समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि सिस्टम अपग्रेड के दौरान यात्रियों को किसी तरह की परेशानी न हो। रेलवे अगस्त महीने से ट्रेनों को धीरे-धीरे नए रिजर्वेशन सिस्टम पर स्थानांतरित करना शुरू करेगा।

1986 से चल रहा था मौजूदा सिस्टम

भारतीय रेलवे का वर्तमान पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम वर्ष 1986 में शुरू किया गया था। पिछले चार दशकों में इसमें कुछ तकनीकी सुधार किए गए, लेकिन इसकी मूल संरचना लगभग समान बनी रही। इस दौरान यात्रियों की संख्या और ऑनलाइन टिकट बुकिंग में कई गुना वृद्धि हुई, जिससे अधिक सक्षम सिस्टम की आवश्यकता महसूस की गई।

ऑनलाइन टिकट बुकिंग के बढ़ते दबाव को संभालेगा नया प्लेटफॉर्म

रेलवे ने वर्ष 2002 में इंटरनेट के माध्यम से टिकट बुकिंग की सुविधा शुरू की थी। वर्तमान में करीब 88 प्रतिशत टिकट ऑनलाइन बुक किए जाते हैं। ऐसे में नए सिस्टम को बढ़ती डिजिटल मांग और भारी ट्रैफिक को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है।

रेलवे के अनुसार, नया प्लेटफॉर्म अधिक क्षमता के साथ काम करेगा और सर्वर पर पड़ने वाले दबाव को कम करेगा। इससे त्योहारों और तत्काल टिकट बुकिंग के दौरान वेबसाइट या ऐप के धीमे पड़ने जैसी समस्याओं में भी कमी आने की उम्मीद है।

RailOne ऐप बना यात्रियों की पहली पसंद

रेलवे की डिजिटल रणनीति के तहत जुलाई 2025 में लॉन्च किए गए RailOne ऐप को जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली है। एक साल से भी कम समय में इसे 3.5 करोड़ से अधिक बार डाउनलोड किया जा चुका है।

इस ऐप के जरिए यात्री टिकट बुकिंग और कैंसिलेशन, ट्रेन की लाइव लोकेशन, प्लेटफॉर्म और कोच की जानकारी, शिकायत दर्ज कराने समेत कई सुविधाओं का लाभ उठा रहे हैं। रेलवे के आंकड़ों के अनुसार, इस प्लेटफॉर्म से प्रतिदिन करीब 9.29 लाख टिकट बुक किए जा रहे हैं।

AI बताएगा वेटिंग टिकट कन्फर्म होगी या नहीं

नए सिस्टम की सबसे बड़ी खासियत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित वेटिंग टिकट प्रेडिक्शन फीचर होगी। यह सुविधा यात्रियों को बताएगी कि उनकी वेटिंग टिकट कन्फर्म होने की कितनी संभावना है।

रेलवे के मुताबिक, इस तकनीक की सटीकता पहले लगभग 53 प्रतिशत थी, जिसे अब बढ़ाकर 94 प्रतिशत तक पहुंचा दिया गया है। इससे यात्रियों को यात्रा की योजना बनाने में अधिक आसानी होगी और अनिश्चितता कम होगी।

करोड़ों यात्रियों को मिलेगा सीधा फायदा

भारतीय रेलवे प्रतिदिन लाखों यात्रियों को सेवा प्रदान करता है। ऐसे में 40 साल पुराने रिजर्वेशन सिस्टम को बदलना रेलवे के डिजिटल परिवर्तन की सबसे बड़ी परियोजनाओं में से एक माना जा रहा है। रेलवे को उम्मीद है कि नया सिस्टम टिकट बुकिंग प्रक्रिया को अधिक स्मार्ट, तेज और विश्वसनीय बनाएगा, जिससे देशभर के करोड़ों यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा।

 

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