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गोण्डा में विकास योजनाओं की समीक्षा, डीएम ने दिए सख्त निर्देश, वृक्षारोपण के लिए जल्द करें स्थलों का चयन

गोण्डा : कलेक्ट्रेट सभागार में शुक्रवार को जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर संचालित विकास कार्यों और विभिन्न विभागीय योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभागवार योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं में शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के लिए सभी विभाग गंभीरता के साथ कार्य करें, ताकि जनपद की रैंकिंग में सुधार लाया जा सके। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक हर हाल में पहुंचना चाहिए और किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

फैमिली आईडी और पेंशन योजनाओं की हुई समीक्षा

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने फैमिली आईडी, वृद्धा पेंशन, विधवा पेंशन, बाल विकास परियोजना और पुष्टाहार विभाग की सैम एवं मैम बच्चों से जुड़ी योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की। इसके साथ ही सेतु निर्माण कार्य, लेखपाल प्रशिक्षण केंद्र और सिंचाई विभाग की परियोजनाओं की प्रगति का भी परीक्षण किया गया।

उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए और विभागीय योजनाओं में अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित की जाए।

वृक्षारोपण अभियान को लेकर डीएम सख्त

बैठक के बाद जिला पर्यावरण समिति और जिला गंगा समिति की समीक्षा बैठक भी आयोजित की गई। इस दौरान जिलाधिकारी ने वृक्षारोपण अभियान को प्रभावी और सफल बनाने के लिए सभी विभागों को शीघ्र स्थल चयन करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग विस्तृत कार्ययोजना और एक्शन प्लान तैयार करें तथा नर्सरी चिन्हित कर पौधों की उपलब्धता सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने यह भी निर्देशित किया कि वृक्षारोपण और अन्य विकास कार्यों के शुरू होने से पहले और कार्य पूर्ण होने के बाद की तस्वीरें पीपीटी के माध्यम से आगामी बैठकों में प्रस्तुत की जाएं, ताकि कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति का मूल्यांकन किया जा सके।

बायोमेडिकल वेस्ट निस्तारण को लेकर भी निर्देश

बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि जनपद के सभी अस्पतालों से निकलने वाले बायोमेडिकल वेस्ट का निस्तारण शासन की गाइडलाइन और निर्धारित मानकों के अनुसार सुनिश्चित किया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और जनस्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी दयानंद प्रसाद, प्रभागीय वनाधिकारी अनुराग प्रियदर्शी, जिला विकास अधिकारी सुशील कुमार श्रीवास्तव, डीसी एनआरएलएम जेएन राव, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी एनके सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी लालजी दूबे समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

 

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