महिला आरक्षण को 33% से बढ़ाकर 50% करने की मांग, समतावादी चेतना अभियान ने उठाई आवाज, अलग-अलग वर्गों के लिए कोटा तय करने का सुझाव

नई दिल्ली/लखनऊ। समतावादी चेतना अभियान के राष्ट्रीय संयोजक विजय कुमार लाल श्रीवास्तव ने महिला आरक्षण बिल को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि देश की आधी आबादी यानी महिला समाज को मिलने वाला 33 प्रतिशत आरक्षण बढ़ाकर 50 प्रतिशत किया जाना चाहिए और इसके लिए पूरे देश में एकजुट होकर आवाज उठाने की जरूरत है।

महिला सशक्तिकरण के लिए अलग-अलग वर्गों में कोटा की मांग
विजय कुमार लाल श्रीवास्तव ने कहा कि महिला सशक्तिकरण को वास्तविक रूप देने के लिए दलित, महादलित, पिछड़े, अति पिछड़े वर्ग, अल्पसंख्यक और गरीब सवर्ण समाज के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण के भीतर अलग-अलग कोटा निर्धारित किया जाना चाहिए। उनके अनुसार इससे समाज के सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित हो सकेगी।
समतावादी विचारधारा का हवाला
उन्होंने आचार्य नरेंद्र देव, डॉ. राम मनोहर लोहिया, जयप्रकाश नारायण और डॉ. भीमराव अंबेडकर का उल्लेख करते हुए कहा कि ये सभी नेता समाज में समानता और सामाजिक न्याय के पक्षधर थे। साथ ही उन्होंने महात्मा गांधी और लोकनायक जेपी को भी याद करते हुए कहा कि वे पुरुष और महिला समानता के समर्थक थे और वर्गविहीन समाज की परिकल्पना रखते थे।
समान शिक्षा और अधिकारों पर जोर
श्रीवास्तव ने कहा कि आज के समय में सभी समतावादी ताकतों को समान शिक्षा, स्वस्थ पर्यावरण और काम के अधिकार को लेकर व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाना चाहिए। उनका कहना है कि शिक्षा ही आर्थिक और सामाजिक न्याय का सबसे मजबूत आधार है।
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महिलाओं की स्थिति पर चिंता
उन्होंने यह भी कहा कि आजादी के इतने वर्षों बाद भी देश की आधी आबादी अशिक्षा और कुपोषण जैसी समस्याओं से जूझ रही है, जो गंभीर चिंता का विषय है।
राजनीतिक दलों से अपील
विजय कुमार लाल श्रीवास्तव ने राजनीतिक दलों से अपील की कि वे अपनी-अपनी पार्टियों में 50 प्रतिशत टिकट महिलाओं को दें और डॉ. लोहिया के विचारों के अनुरूप सामाजिक संतुलन को मजबूत करें।

