‘नारी शक्ति बंधन अधिनियम’ के समर्थन में विश्वविद्यालय परिसर में मानव श्रृंखला एवं पदयात्रा का भव्य आयोजन

बरेली,17अप्रैल। महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय, बरेली में ‘नारी शक्ति बंधन अधिनियम’ (महिला आरक्षण विधेयक) के समर्थन में एक विशाल मानव श्रृंखला एवं पदयात्रा का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम माननीय कुलपति प्रोफेसर के.पी. सिंह के नेतृत्व में संपन्न हुआ, जिसमें विश्वविद्यालय के शिक्षकों, अधिकारियों, कर्मचारियों, शोधार्थियों एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

मानव श्रृंखला विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन के सामने स्थित पार्क में बनाई गई। इस अवसर पर लता गैस एजेंसी की संचालिका श्रीमती रंजना सोलंकी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। कुलपति प्रोफेसर के.पी. सिंह ने उन्हें प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया।
श्रीमती रंजना सोलंकी ने अपने संबोधन में कहा कि महिलाओं में असीमित शक्ति होती है, बस उन्हें कार्य करने का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने अपना स्वयं का उदाहरण देते हुए नारी शक्ति के जुझारूपन को प्रस्तुत किया।
कुलपति प्रोफेसर के.पी. सिंह ने अपने वक्तव्य में नारी शक्ति बंधन अधिनियम पर प्रकाश डालते हुए कहा कि महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिलने से पारिवारिक और सामाजिक उत्थान होगा तथा देश आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि समाज में महिलाओं की भागीदारी 50 प्रतिशत है, किंतु पदों पर उनका प्रतिनिधित्व समान रूप से नहीं मिल पाता था, जिससे देश की प्रगति में बाधा उत्पन्न हो रही थी। मोदी सरकार द्वारा महिलाओं के प्रतिनिधित्व को बढ़ाने का यह कदम अत्यंत स्वागत योग्य है।

मानव श्रृंखला के पश्चात प्रशासनिक भवन के सामने से एक भव्य पदयात्रा निकाली गई। यह पदयात्रा विश्वविद्यालय परिसर में घूमते हुए गेट नंबर 3 से निकली, फिर दोहरा रोड, पीलीभीत रोड होते हुए विश्वविद्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार पर आकर संपन्न हुई।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव श्री हरीश चंद, परीक्षा नियंत्रक श्री संजीव कुमार सिंह, प्रोफेसर अर्चना गुप्ता, प्रोफेसर तूलिका सक्सेना, प्रोफेसर अनीता त्यागी, प्रोफेसर शोभना सिंह सहित बड़ी संख्या में विश्वविद्यालय के शिक्षकगण, अधिकारी, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।
बरेली से अखिलेश चन्द्र सक्सेना की रिपोर्ट
