रूहेलखण्ड विश्वविद्यालय के शिक्षा विभाग में ‘नारी शक्ति वंदन अभियान’ पर संगोष्ठी संपन्न

बरेली, 17अप्रैल। महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय (MJPRU) के शिक्षा विभाग (बी.एड.-एम.एड.) में माननीय कुलपति प्रो. के.पी. सिंह के निर्देशन में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ विषयक एक परिचर्चा एवं संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर एम.एड. द्वितीय एवं चतुर्थ सेमेस्टर के सभी छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

संगोष्ठी के दौरान एम.एड. चतुर्थ सेमेस्टर की छात्रा शिवांगी ने नारी शक्ति अभियान के महत्व पर अपने विचार रखते हुए महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि अब महिलाओं को राजनीति में भी आगे आने के अधिक अवसर प्राप्त होंगे। वहीं अभिषेक कुमार ने समाज के निर्माण और विकास में महिलाओं की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि महिलाएं अपने समाज की आवश्यकताओं को बेहतर ढंग से समझती हैं।
एम.एड. चतुर्थ सेमेस्टर की ही छात्रा जयती शुक्ला ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के कानूनी प्रावधानों तथा राजनीतिक क्षेत्र में महिलाओं की सक्रिय सहभागिता से समाज को होने वाले लाभों को विस्तार से समझाया।
विभागाध्यक्ष प्रो. संतोष अरोरा ने अपने उद्बोधन में कहा कि आज भारतीय महिलाएं कला, साहित्य, सिनेमा, सेना, खेल, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा कॉरपोरेट क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं। अब आवश्यकता है कि राष्ट्र के लिए लिए जाने वाले निर्णयों में भी उनकी सहभागिता सुनिश्चित हो और वे संसद एवं विधान मंडल में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएं।

वरिष्ठ शिक्षकों ने छात्र-छात्राओं की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए इस बात पर जोर दिया कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी के क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित होगा।
इस अवसर पर डॉ. रामबाबू सिंह, डॉ. मीनाक्षी द्विवेदी तथा बी.एड. व एम.एड. के विद्यार्थी उपस्थित रहे।
बरेली से अखिलेश चन्द्र सक्सेना की रिपोर्ट
