यूपी रेरा की प्रमोटर्स को सख्त हिदायत, 31 अक्टूबर तक जमा करें QPR; चूकने पर हो सकती है कार्रवाई

लखनऊ: उत्तर प्रदेश भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (यूपी-रेरा) ने सभी संबंधित प्रमोटर्स को 30 सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही की त्रैमासिक प्रगति रिपोर्ट (QPR) हर हाल में 31 अक्टूबर तक दाखिल करने की हिदायत दी है। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि रिपोर्ट जमा करने के साथ नई डिजिटल हस्ताक्षर आधारित व्यवस्था का पालन करना भी अनिवार्य होगा। तय समयसीमा में रिपोर्ट दाखिल नहीं करने वाले प्रमोटर्स के खिलाफ रेरा के लागू प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
प्राधिकरण की ओर से QPR दाखिल करने की समयसीमा पहले भी बढ़ाई जा चुकी है। अब प्रमोटर्स के पास रिपोर्ट और उससे जुड़े जरूरी दस्तावेज जमा करने के लिए 31 अक्टूबर तक का समय है। ऐसे में उन्हें अंतिम तारीख का इंतजार किए बिना समय रहते पूरी प्रक्रिया संपन्न करनी होगी। केवल रिपोर्ट तैयार कर लेना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि निर्धारित प्रमाणपत्रों को डिजिटल हस्ताक्षर के साथ यूपी-रेरा पोर्टल पर अपलोड करना भी जरूरी है।
नई व्यवस्था के तहत डिजिटल हस्ताक्षर अनिवार्य
यूपी-रेरा की संशोधित प्रक्रिया के अनुसार QPR के साथ आर्किटेक्ट, इंजीनियर और चार्टर्ड अकाउंटेंट के निर्धारित प्रमाणपत्रों पर डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (DSC) के माध्यम से हस्ताक्षर कराना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके तहत आर्किटेक्ट का REG-1, इंजीनियर का REG-2 और चार्टर्ड अकाउंटेंट का REG-3 प्रमाणपत्र डिजिटल हस्ताक्षर के साथ पोर्टल पर अपलोड करना होगा।
प्रमोटर्स को यह सुनिश्चित करना होगा कि रिपोर्ट के साथ तीनों प्रमाणपत्र निर्धारित प्रारूप में उपलब्ध हों और उन पर संबंधित पेशेवरों के वैध डिजिटल हस्ताक्षर हों। अब पुरानी प्रक्रिया के बजाय नई DSC आधारित व्यवस्था के अनुसार ही QPR दाखिल करनी होगी। इसलिए रिपोर्ट जमा करते समय सभी तकनीकी और दस्तावेजी औपचारिकताओं का पालन करना जरूरी है।
अंतिम तारीख का इंतजार न करें प्रमोटर्स

प्राधिकरण ने प्रमोटर्स को सलाह दी है कि वे अंतिम दिन तक रिपोर्ट दाखिल करने की प्रक्रिया लंबित न रखें। आर्किटेक्ट, इंजीनियर और चार्टर्ड अकाउंटेंट के साथ समन्वय बनाकर जरूरी प्रमाणपत्र पहले से तैयार कराएं और उन्हें डिजिटल हस्ताक्षर सहित यूपी-रेरा पोर्टल पर अपलोड करना सुनिश्चित करें।
दस्तावेजों में कमी या डिजिटल हस्ताक्षर से जुड़ी तकनीकी दिक्कतों के कारण अंतिम समय में रिपोर्ट जमा करने में परेशानी हो सकती है। नई व्यवस्था से संबंधित दिशा-निर्देश यूपी-रेरा के पोर्टल पर उपलब्ध हैं। प्रमोटर्स और संबंधित पेशेवरों को इन्हीं निर्देशों के अनुरूप दस्तावेज तैयार कर जमा करने होंगे।
समयसीमा चूकने पर कार्रवाई का जोखिम
QPR दाखिल करना प्रमोटर्स की नियामकीय जिम्मेदारी का अहम हिस्सा है। इसलिए निर्धारित समयसीमा के भीतर रिपोर्ट जमा करना जरूरी है। 31 अक्टूबर तक रिपोर्ट दाखिल नहीं करने वाले प्रमोटर्स के खिलाफ रेरा के लागू प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि, कार्रवाई का स्वरूप संबंधित मामले, लागू कानूनी प्रावधानों और प्राधिकरण के निर्णय पर निर्भर करेगा।
प्रमोटर्स को अब 30 सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही की QPR तय समयसीमा के भीतर जमा करनी होगी। साथ ही REG-1, REG-2 और REG-3 प्रमाणपत्रों को नई DSC आधारित प्रक्रिया के अनुरूप पोर्टल पर अपलोड करना भी सुनिश्चित करना होगा। निर्धारित समयसीमा और डिजिटल प्रक्रिया के पालन में किसी भी तरह की लापरवाही से बचना जरूरी है।
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