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गोंडा में शिक्षा के मुद्दों पर गरजा GEN-Z, बारिश के बीच गांधी पार्क पहुंची भारी भीड़; बैरिकेडिंग पर पुलिस से हुई बहस

गोंडा: निजी स्कूलों की मनमानी, लगातार बढ़ती फीस और बच्चों व अभिभावकों के कथित शोषण समेत कई मुद्दों को लेकर मंगलवार को गांधी पार्क में राष्ट्रीय छात्र पंचायत ने ‘शिक्षा बचाओ जन आंदोलन’ का आयोजन किया। आंदोलन में संगठन के कार्यकर्ताओं के साथ बड़ी संख्या में बच्चे और GEN-Z के युवा भी शामिल हुए। बारिश के बावजूद प्रदर्शनकारियों की संख्या लगातार बढ़ती रही।

कार्यक्रम की शुरुआत सुबह करीब 11:30 बजे हुई। दोपहर करीब 1:30 बजे तक गांधी पार्क और आसपास के इलाकों में प्रदर्शनकारियों की भारी भीड़ जुट गई। संगठन का दावा है कि पुलिस की ओर से की गई बैरिकेडिंग और रोक के बावजूद हजारों लोग अलग-अलग रास्तों से गांधी पार्क पहुंचे।

LBS चौराहे से सागरा तालाब तक बैरिकेडिंग

प्रदर्शनकारियों को गांधी पार्क के अंदर जाने से रोकने के लिए पुलिस ने LBS चौराहे से सागरा तालाब तक कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की थी। गांधी पार्क की तरफ बढ़ रहे बच्चों, GEN-Z युवाओं और राष्ट्रीय छात्र पंचायत के कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोकने का प्रयास किया।

इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच कई बार बहस हुई। कुछ प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग पर चढ़ गए और तिरंगा लहराते हुए नारेबाजी की। उन्होंने गांधी पार्क के अंदर जाने की मांग की।

22 घंटे तक बारिश के बीच जारी रहा धरना

राष्ट्रीय छात्र पंचायत के कार्यकर्ताओं के मुताबिक उनका धरना करीब 22 घंटे तक चला। सोमवार दोपहर से शुरू हुआ धरना रातभर बारिश के बीच जारी रहा। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे पूरी रात बारिश में भीगते हुए गांधी पार्क में डटे रहे।

आंदोलन को देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया। तीन थानों की पुलिस को मौके पर लगाया गया था। इसके साथ ही ड्रोन कैमरों से भी लगातार निगरानी की गई।

एडीएम को सौंपा मांगों का ज्ञापन

प्रदर्शन के बाद राष्ट्रीय छात्र पंचायत के प्रतिनिधियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर अपर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवम पांडेय ने बताया कि उनकी प्रमुख मांगों में निजी स्कूलों में हर साल कॉपी-किताब और ड्रेस बदलने की व्यवस्था पर रोक लगाना शामिल है।

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संगठन ने इस संबंध में सरकार से कानून बनाने और सभी बच्चों को समान शिक्षा उपलब्ध कराने की मांग की। इसके अलावा मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय में अधिक ली जा रही परीक्षा फीस को घटाकर 800 रुपये करने की मांग भी उठाई गई।

जर्जर हॉस्टल और बंद गेट का मुद्दा भी उठाया

शिवम पांडेय ने टॉमसन इंटर कॉलेज के जर्जर हॉस्टल का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना है कि हॉस्टल का भवन जर्जर स्थिति में है और कभी भी गिर सकता है।

इसके अलावा कॉलेज के मैदान में शाम के समय दौड़ने जाने वाले बच्चों के लिए बंद किए गए गेट को दोबारा खोलने की मांग भी की गई।

शिवम पांडेय का आरोप- कार्यकर्ताओं को रोकने की कोशिश हुई

राष्ट्रीय छात्र पंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवम पांडेय ने आरोप लगाया कि आंदोलन में शामिल होने के लिए आ रहे कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोका और उनके साथ बर्बरता व अभद्रता की गई। उन्होंने दावा किया कि संगठन ने कार्यक्रम के लिए प्रशासन से अनुमति मांगी थी, लेकिन अनुमति नहीं दी गई।

उनका आरोप है कि आंदोलन के लिए लगाया गया टेंट भी प्रशासन ने हटवा दिया। शिवम पांडेय ने कहा कि पुलिस और प्रशासन की ओर से उनकी आवाज दबाने की कोशिश की गई, लेकिन कार्यकर्ता पीछे नहीं हटे।

उन्होंने कहा कि बारिश और पुलिस की रोक के बावजूद बड़ी संख्या में लोग आंदोलन में पहुंचे। उनके मुताबिक, संगठन को इतनी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद नहीं थी और लोगों ने खुद जानकारी लेकर आंदोलन में पहुंचकर उनका समर्थन किया।

 

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