Saturday, September 5, 2026
Latest:
Top Newsराज्य

बीबीएयू में ‘आस्क मी एनीथिंग’ कार्यक्रम, स्टार्टअप्स को सरकारी योजनाओं से लेकर बैंकिंग सहायता तक मिली अहम जानकारी; ‘विकसित भारत-2047’ पर भी मंथन

लखनऊ: बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय में 3 सितंबर 2026 को ‘आस्क मी एनीथिंग’ श्रृंखला के तहत स्टार्टअप्स, विद्यार्थियों और नवाचार से जुड़े युवाओं के लिए विशेष संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सरकारी अधिकारियों, उद्योग जगत के विशेषज्ञों और उद्यमिता क्षेत्र से जुड़े अनुभवी लोगों ने प्रतिभागियों के साथ सीधे संवाद किया और स्टार्टअप शुरू करने से लेकर उसे आगे बढ़ाने तक की जरूरी जानकारी साझा की। कार्यक्रम का आयोजन बीबीएयू, उत्तर प्रदेश सरकार, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान, स्टार्टइनयूपी, भारत स्टार्टअप एंड इनोवेशन सोसायटी, नवकल्पना और इंडियन बैंक के संयुक्त तत्वावधान में हुआ।

कार्यक्रम में बीबीएयू के कुलपति एवं यूजीसी के कमीशन सदस्य प्रो. राज कुमार मित्तल मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। उनके साथ यूपी इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन लिमिटेड, उत्तर प्रदेश सरकार के प्रबंध निदेशक एवं आईएएस अधिकारी हिमांशु कौशिक, इंडियन बैंक के मुख्य महाप्रबंधक सुधीर गुप्ता, भारत स्टार्टअप एंड इनोवेशन सोसायटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनायक नाथ, सीपी मिल्क के प्रबंध निदेशक जय अग्रवाल और कार्यक्रम समन्वयक डॉ. अर्पित शैलेश मंच पर उपस्थित रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और बाबासाहेब के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करने के साथ हुई। इसके बाद विश्वविद्यालय का कुलगीत प्रस्तुत किया गया। आयोजन समिति की ओर से अतिथियों का पौधा और शॉल भेंट कर स्वागत किया गया। डॉ. अर्पित शैलेश ने अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम के उद्देश्य एवं रूपरेखा की जानकारी दी। मंच संचालन डॉ. नरेंद्र सिंह ने किया।

शिक्षा के साथ उद्यमिता की सोच विकसित करना जरूरी: प्रो. मित्तल

कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने कहा कि किसी भी शैक्षणिक संस्थान की जिम्मेदारी केवल युवाओं को पारंपरिक शिक्षा देने तक सीमित नहीं होनी चाहिए। विद्यार्थियों में उद्यमिता की सोच विकसित करना और उनकी क्षमताओं को व्यावहारिक दिशा देना भी संस्थानों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में भी नवाचार, रचनात्मकता और उद्यमिता को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया है।

प्रो. मित्तल ने कहा कि विकसित भारत@2047 के लक्ष्य को हासिल करने में उद्यमिता की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। दुनिया के कई विकसित देशों ने नवाचार और उद्यमिता के माध्यम से विकास के नए रास्ते तैयार किए हैं। उद्यमिता युवाओं को समस्याओं में भी संभावनाएं और अवसर तलाशने की दृष्टि देती है।

उन्होंने विद्यार्थियों के बीच ‘अर्निंग वाइल लर्निंग’ यानी पढ़ाई के साथ कमाई की अवधारणा को बढ़ावा देने की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि युवाओं को पढ़ाई के साथ अपने कौशल, रचनात्मक विचारों और उद्यमशील क्षमता को व्यवहार में उतारने के अवसर मिलने चाहिए। इससे उनमें आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे भविष्य में रोजगार मांगने वाले ही नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले भी बन सकेंगे।

उत्तर प्रदेश में 24 हजार से अधिक मान्यता प्राप्त स्टार्टअप

यूपी इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक एवं आईएएस अधिकारी हिमांशु कौशिक ने उत्तर प्रदेश के तेजी से विकसित हो रहे स्टार्टअप और नवाचार तंत्र की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश स्टार्टअप, नवाचार, उद्यमिता और तकनीक आधारित विकास के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने राज्य की 24 करोड़ से अधिक आबादी को एक विशाल उपभोक्ता बाजार बताते हुए कहा कि मजबूत डिजिटल ढांचा, एक्सप्रेसवे नेटवर्क, रक्षा गलियारा, डेटा सेंटर और उद्योग अनुकूल वातावरण उत्तर प्रदेश को उद्यमियों के लिए महत्वपूर्ण बाजार बनाते हैं।

हिमांशु कौशिक ने बताया कि उत्तर प्रदेश देश का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप तंत्र बन चुका है। राज्य में 24,000 से अधिक मान्यता प्राप्त स्टार्टअप, 11,000 से अधिक महिला नेतृत्व वाले स्टार्टअप और 88 मान्यता प्राप्त इनक्यूबेटर हैं। उन्होंने कहा कि नवाचार, तकनीकी सहयोग और उद्यमिता के लिए तैयार किया जा रहा यह तंत्र युवाओं और उद्यमियों के लिए नए अवसर पैदा कर रहा है।

स्टार्टअप के पहले दिन से वित्तीय अनुशासन जरूरी: विनायक नाथ

भारत स्टार्टअप एंड इनोवेशन सोसायटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनायक नाथ ने कहा कि किसी भी स्टार्टअप के लिए शुरुआत से ही वित्तीय अनुशासन बनाए रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने संस्था की विभिन्न गतिविधियों और स्टार्टअप्स को दिए जा रहे सहयोग की जानकारी भी साझा की।

उन्होंने स्टार्टअप महाकुंभ, उत्तर प्रदेश की पहली स्टार्टअप गोलमेज बैठक और ‘एक जिला, एक उत्पाद’ जैसी पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि इनके माध्यम से स्टार्टअप्स को बाजार, नेटवर्किंग, मार्गदर्शन और विकास के अवसर मिल रहे हैं। ऐसे मंच युवाओं के नवाचार को व्यावसायिक रूप देने और उत्तर प्रदेश के स्थानीय उत्पादों एवं उद्यमों को बड़े बाजार से जोड़ने में मददगार साबित हो रहे हैं।

बैंक स्टार्टअप्स को पूंजी और वित्तीय मार्गदर्शन भी दे रहे: सुधीर गुप्ता

-------------------------------------------------------------------------------------------

इंडियन बैंक के मुख्य महाप्रबंधक सुधीर गुप्ता ने स्टार्टअप के विकास में बैंकिंग क्षेत्र की भूमिका पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बैंक अब केवल पारंपरिक कारोबार को वित्तीय सहायता देने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि नवाचार और उद्यमिता आधारित स्टार्टअप्स को पूंजी के साथ वित्तीय मार्गदर्शन भी उपलब्ध करा रहे हैं।

उन्होंने इंडियन बैंक की ‘इंड स्टार्टअप योजना’ के बारे में बताते हुए कहा कि इसके माध्यम से डीपीआईआईटी से मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स को प्रोटोटाइप तैयार करने, उत्पाद, अनुप्रयोग या वेबसाइट विकसित करने, कच्चा माल और मशीनरी खरीदने, कर्मचारियों की नियुक्ति एवं प्रशिक्षण, लाइसेंस और प्रमाणन, विपणन तथा कार्यालय संबंधी जरूरतों के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाती है।

उन्होंने युवाओं से बैंकिंग सुविधाओं और उपलब्ध वित्तीय योजनाओं का सही इस्तेमाल कर अपने व्यावसायिक विचारों को सफल उद्यम में बदलने की अपील की। उन्होंने कहा कि बैंकिंग क्षेत्र स्टार्टअप तंत्र को मजबूत करने के साथ रोजगार सृजन और नवाचार को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

व्यवसाय शुरू करने से पहले बाजार और जोखिम को समझें: जय अग्रवाल

सीपी मिल्क के प्रबंध निदेशक जय अग्रवाल ने अपने व्यावसायिक अनुभव साझा करते हुए नए उद्यमियों को व्यवसाय शुरू करने और उसे सफलतापूर्वक चलाने से जुड़ी सावधानियों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यवसाय की सफलता के लिए स्पष्ट व्यावसायिक योजना, बाजार की सही समझ, गुणवत्तापूर्ण उत्पाद एवं सेवाएं, ग्राहकों की जरूरतों की पहचान और मजबूत वित्तीय प्रबंधन जरूरी है।

उन्होंने उद्यमियों को जल्दबाजी में निर्णय लेने से बचने और कारोबार से जुड़े जोखिमों का सही आकलन करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि खर्च और निवेश सोच-समझकर करना चाहिए। लगातार सीखने, धैर्य, अनुशासन और बदलते बाजार के अनुसार खुद को ढालने की क्षमता लंबे समय में उद्यमी की सफलता की महत्वपूर्ण कुंजी बनती है।

‘इंटरप्रेन्योरशिप फॉर विकसित भारत-2047’ पुस्तक का विमोचन

कार्यक्रम के दौरान बीबीएयू कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल, प्रो. के.के. पाण्डेय और प्रो. मनोज जोशी के संयुक्त तत्वावधान में लिखित पुस्तक ‘इंटरप्रेन्योरशिप फॉर विकसित भारत-2047’ का विमोचन भी किया गया।

इस अवसर पर स्वदेशी जागरण मंच के राष्ट्रीय संगठक कश्मीरी लाल और सह संगठक सतीश कुमार ने भी प्रतिभागियों को संबोधित किया और उद्यमिता तथा स्वदेशी से जुड़े विषयों पर अपने विचार रखे।

प्रश्नोत्तर सत्र में विशेषज्ञों से सीधे सवाल

कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा प्रश्नोत्तर सत्र रहा, जिसमें विद्यार्थियों, स्टार्टअप्स और अन्य प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों से सीधे सवाल किए। प्रतिभागियों ने उद्यमिता, स्टार्टअप संचालन, वित्तीय प्रबंधन, सरकारी योजनाओं और कारोबार से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपनी जिज्ञासाएं रखीं।

विशेषज्ञों ने सवालों के विस्तार से जवाब देते हुए व्यावहारिक समाधान और जरूरी मार्गदर्शन दिया। इस संवाद के माध्यम से प्रतिभागियों को अनुभवी लोगों के अनुभवों से सीखने और अपने उद्यम से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं को समझने का अवसर मिला।

कार्यक्रम में नवकल्पना एवं आईआईसी के अध्यक्ष प्रो. नवीन कुमार अरोड़ा के अलावा विश्वविद्यालय के शिक्षक, शोधार्थी, विद्यार्थी तथा स्टार्टअप और नवाचार से जुड़े प्रतिभागी मौजूद रहे।

 

---------------------------------------------------------------------------------------------------