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यूपी में 20 हजार से ज्यादा टीजीटी-पीजीटी पदों पर भर्ती, लेकिन क्षैतिज आरक्षण नहीं; जानें क्या है वजह

प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के 4512 सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) और प्रवक्ता (पीजीटी) की नई भर्ती में अभ्यर्थियों को क्षैतिज आरक्षण का लाभ नहीं मिलेगा। शिक्षा निदेशालय ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को टीजीटी के 17,740 और पीजीटी के 2,615 पदों का अधियाचन भेजा है, लेकिन इनमें क्षैतिज आरक्षण का प्रावधान नहीं किया गया है।

यह पहली बार है जब शिक्षा निदेशालय की ओर से टीजीटी-पीजीटी भर्ती का अधियाचन भर्ती संस्था को भेजा गया है। इससे पहले जिला विद्यालय निरीक्षक सीधे उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड को अधियाचन भेजते थे।

25 पद से अधिक होने पर ही क्षैतिज आरक्षण का तर्क

चयन बोर्ड वर्ष 2022 तक होने वाली भर्तियों में अपने स्तर पर क्षैतिज आरक्षण देता रहा था, लेकिन अब चयन आयोग ने इसे देने से इनकार कर दिया है। नए अधियाचन को लेकर शिक्षा निदेशालय के अधिकारियों का तर्क है कि क्षैतिज आरक्षण तभी दिया जाता है, जब रिक्त पदों की संख्या 25 से अधिक हो।

टीजीटी-पीजीटी भर्ती में चयन की इकाई सहायता प्राप्त कॉलेज है और किसी भी कॉलेज से 25 या उससे अधिक पदों का अधियाचन नहीं मिला है। ऐसे में पूर्व सैनिकों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रितों, महिलाओं और अंतरराष्ट्रीय या राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को क्षैतिज आरक्षण का लाभ नहीं दिया जा सकता।

मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद की अध्यक्षता में पिछले दिनों हुई बैठक में भी क्षैतिज आरक्षण का मुद्दा उठा था।

असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती में मिलेगा क्षैतिज आरक्षण

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सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों की टीजीटी-पीजीटी भर्ती में भले ही क्षैतिज आरक्षण का लाभ नहीं मिलेगा, लेकिन सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के 1,936 पदों की भर्ती में यह व्यवस्था लागू रहेगी।

प्रदेश के 330 अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में कई ऐसे कॉलेज हैं, जहां शिक्षकों की संख्या 150 से अधिक है। इन कॉलेजों से 25 से अधिक पदों का अधियाचन भी मिला है। ऐसे में चयन की इकाई महाविद्यालय होने के बावजूद पदों की संख्या 25 से अधिक होने के कारण क्षैतिज आरक्षण का लाभ दिया जाएगा।

टीईटी पास शिक्षक भी भर रहे विशेष टीईटी के फॉर्म

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में परिषदीय स्कूलों के टीईटी पास शिक्षक भी विशेष टीईटी के फॉर्म भर रहे हैं। शिक्षक रिजल्ट में बदलाव की आशंका को देखते हुए कोई जोखिम नहीं लेना चाहते।

सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षकों को वर्ष 2028 तक टीईटी पास करने की मोहलत दी थी। अब इस समय सीमा में दो साल ही बचे हैं। इसी वजह से टीईटी पास शिक्षक भी विशेष टीईटी में शामिल होने के लिए आवेदन कर रहे हैं।

 

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