स्वच्छ वायु के संदेश को विद्यार्थियों ने दी प्रभावशाली आवाज: वाद विवाद प्रतियोगिता मे रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय की लवी सिंह ने प्रथम एवं अभय सिंह ने तृतीय स्थान प्राप्त किया

बरेली,07 सितम्बर। महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय के सांस्कृतिक केंद्र के साहित्यिक क्लब के विद्यार्थियों ने इंटरनेशनल डे ऑफ क्लीन एयर फॉर ब्लू स्काई के अवसर पर आयोजित विभिन्न रचनात्मक एवं सहभागितापूर्ण प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए विश्वविद्यालय का गौरव बढ़ाया। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में प्रतिवर्ष 7 सितंबर को मनाए जाने वाले इस दिवस के अंतर्गत नगर निगम, बरेली की नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम (NCAP) टीम द्वारा विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की थीम “जलवायु एवं स्वच्छ वायु के प्रति जिम्मेदार पहल एवं सतत भविष्य के लिए मिशन LiFE को अपनाना” रही। इसके अंतर्गत नृत्य, डिजिटल कैंपेन तथा वाद विवाद सहित विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिनमें विश्वविद्यालय सांस्कृतिक केंद्र के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।
वाद विवाद प्रतियोगिता में सांस्कृतिक केंद्र से तीन विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया था जिसमें से लवी सिंह प्रथम एवं अभय सिंह ने तृतीय स्थान प्राप्त कर विजयी रहे।
वाद विवाद प्रतियोगिता का विषय “स्वच्छ वायु की शुरुआत हमसे : भारत में व्यवहार परिवर्तन के लिए वैश्विक श्रेष्ठ प्रथाओं से सीख” रखा गया था। प्रतियोगिता में विश्वविद्यालय सांस्कृतिक केंद्र की छात्रा लवी सिंह ने हिंदी भाषा में प्रभावशाली एवं तथ्यपरक प्रस्तुति देते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि अभय सिंह ने तृतीय स्थान हासिल किया। दोनों विद्यार्थियों ने स्वच्छ वायु, पर्यावरण संरक्षण, व्यक्तिगत जिम्मेदारी तथा व्यवहार परिवर्तन की आवश्यकता को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। इसके अतिरिक्त विश्वविद्यालय की छात्रा दृष्टि ने भी इस प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। नृत्य प्रतियोगिता में श्रद्धा शर्मा ने सुंदर एवं प्रभावशाली प्रस्तुति देकर सभी का ध्यान आकर्षित किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति आचार्य ( डॉ.) अनिल कुमार राय जी ने विजेता विद्यार्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी प्रयासों तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि यह प्रत्येक नागरिक की व्यक्तिगत जिम्मेदारी है। विद्यार्थियों में रचनात्मक अभिव्यक्ति के माध्यम से पर्यावरण एवं सामाजिक सरोकारों के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना समय की आवश्यकता है। विश्वविद्यालय सांस्कृतिक केंद्र विद्यार्थियों की प्रतिभा को मंच प्रदान करने के साथ-साथ उन्हें समसामयिक सामाजिक एवं पर्यावरणीय विषयों के प्रति संवेदनशील बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ वायु और सतत भविष्य के निर्माण के लिए व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन आवश्यक है और युवा इस परिवर्तन के सबसे प्रभावी वाहक बन सकते हैं।
विश्वविद्यालय सांस्कृतिक केंद्र की सांस्कृतिक समन्वयक डॉ. ज्योति पाण्डेय ने बताया कि नगर निगम, बरेली की NCAP टीम द्वारा आयोजित इन प्रतियोगिताओं के लिए 24 अगस्त 2026 से पंजीकरण प्रक्रिया प्रारंभ हो गई थी। निर्धारित नियमों के अनुरूप विश्वविद्यालय सांस्कृतिक केंद्र के विद्यार्थियों का पंजीकरण कराया गया। विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा, रचनात्मकता और विषय की समझ का उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए वाद विवाद प्रतियोगिता में प्रथम एवं तृतीय स्थान प्राप्त किया । उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक केंद्र विद्यार्थियों को विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक एवं समसामयिक विषयों पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए निरंतर अवसर उपलब्ध करा रहा है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों में अभिव्यक्ति कौशल, तार्किक चिंतन, रचनात्मकता, आत्मविश्वास तथा सामाजिक एवं पर्यावरणीय उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
सांस्कृतिक केन्द्र की इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर कुलसचिव श्री महेंद्र सिंह, सांस्कृतिक समन्वयक डॉ.ज्योति पाण्डेय, वित्त अधिकारी श्री विनोद कुमार, परीक्षा नियंत्रक श्री अनिल कुमार यादव सहित संकायाध्यक्षों, विभागाध्यक्षों, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं विश्वविद्यालय सांस्कृतिक केंद्र के कल्चरल क्लब के विद्यार्थियों ने लवी सिंह एवं अभय सिंह को बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित कीं तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

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बरेली से अखिलेश चन्द्र सक्सेना की रिपोर्ट

