क्या बैंक अकाउंट में मिनिमम बैलेंस नहीं रखने वालों पर नहीं लगेगा जुर्माना? सरकार ने दिया ये जवाब

नई दिल्ली. वर्तमान में बैंक अकाउंट में मिन‍िमम बैलेंस नहीं रखने पर आपको जुर्माना देना पड़ता है. लेकिन आने वाले समय में सब कुछ सही रहा तो बैंक अकाउंट में मिन‍िमम बैलेंस मेंटेन करने की जरूरत नहीं होगी. दरअसल, अकाउंट में मिन‍िमम बैलेंस मेंटेन करने को लेकर वित्त राज्य मंत्री भागवत किशनराव कराड ने अहम बयान द‍िया है.

कराड ने बुधवार को कहा कि बैंकों के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स मिनिमम बैलेंस नहीं रखने वालों अकाउंट्स पर जुर्माने को खत्म करने का निर्णय ले सकते हैं. कराड ने एक सवाल के जवाब में श्रीनगर में कहा, ‘‘बैंक इंडिपेंडेंट बॉडी होते हैं. उनके बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स जुर्माने को खत्म करने के बारे में निर्णय ले सकते हैं.’’

मंत्री से पूछा गया था कि क्या केंद्र बैंकों को इस बारे में निर्देश देने पर विचार कर रहा है कि जिन अकाउंट में जमा राशि मिनिमम बैलेंस स्तर से नीचे चली जाती है उन पर कोई जुर्माना नहीं लगाया जाए. जम्मू-कश्मीर में विभिन्न वित्तीय योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा करने के लिए वित्त राज्य मंत्री केंद्र शासित प्रदेश के 2 दिन के दौरे पर हैं.

बैंक अपने ग्राहकों को सेविंग्स अकाउंट पर कई तरह की सुविधाएं देते हैं, लेकिन इन सुविधाओं के साथ ही ग्राहकों को कुछ नियमों का भी पालन करना पड़ता है. इसमें सबसे अहम हैं मिनिमम बैलेंस मेंटेन करना. हर बैंक की अलग-अलग मिनिमम बैलेंस लिमिट होती है, जिसे ग्राहकों को मेंटेन करना होता है. अगर कोई ग्राहक अकाउंट के वैरिएंट के हिसाब से मिनिमम बैलेंस मेंटेन नहीं किया जाता है तो बैंक उससे जुर्माना वसूलता है.

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया The Lucknow Tribune के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें... ------------------------- -------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ------------------------------------------------------ -------------------------------------------------------- ------------------------------------------------------------------- --------------------------------------------- --------------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------------------------   ----------------------------------------------------------- -------------------------------------------------- ----------------------------------------------------------------------------------------- -------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
E-Paper