उत्तर प्रदेश

नैनो जिंक और नैनो कॉपर से बढ़ेगी धान की रोग प्रतिरोधक क्षमता, किसानों को दिया गया प्रशिक्षण

गोण्डा: इंडियन फार्मर फर्टिलाइजर लिमिटेड (इफको) के तत्वावधान में 8 सितंबर 2026 को विकासखंड मनकापुर के ग्राम सीरगौरा में इफको नैनो जिंक एवं नैनो कॉपर के प्रयोग और महत्व को लेकर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें किसानों को नैनो उर्वरकों के उपयोग और फसलों पर उनके प्रभाव की तकनीकी जानकारी दी गई।

धान की फसल में रोगों से बचाव की दी जानकारी

कृषि विज्ञान केंद्र मनकापुर के वरिष्ठ वैज्ञानिक शस्य विज्ञान डॉ. राम लखन सिंह ने किसानों को इफको नैनो जिंक और नैनो कॉपर के प्रयोग की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इनके प्रयोग से धान की फसल में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। इससे धान की पत्तियों और जड़ों का विकास बेहतर होता है। उन्होंने बताया कि नैनो जिंक एवं नैनो कॉपर के प्रयोग से धान में खैरा रोग का प्रकोप नहीं होता तथा अन्य फफूंदजनित रोगों की संभावना भी कम हो जाती है। इससे धान की पैदावार में वृद्धि होने की जानकारी दी गई।

एक लीटर पानी में एक-एक मिलीलीटर की मात्रा

इफको फर्टिलाइजर्स के एसएफए विभाकर तिवारी ने बताया कि इफको नैनो जिंक और इफको नैनो कॉपर की एक-एक मिलीलीटर मात्रा को प्रति लीटर पानी में मिलाकर घोल तैयार किया जाता है। इसके बाद फसल पर इसका छिड़काव किया जाता है।

औद्यानिक फसलों में भी उपयोग की जानकारी

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उद्यान वैज्ञानिक डॉ. मनोज कुमार सिंह ने औद्यानिक फसलों में इफको नैनो जिंक और नैनो कॉपर के उपयोग के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि इनके प्रयोग से औद्यानिक फसलों की पैदावार में वृद्धि होती है।

प्रदर्शन प्रक्षेत्र पर कराया गया नैनो उर्वरकों का छिड़काव

इफको की ओर से प्रगतिशील किसान महादेव प्रसाद यादव के प्रक्षेत्र पर धान की 5204 प्रजाति का प्रदर्शन लगाया गया है। प्रशिक्षण के दौरान मौके पर इसी फसल पर इफको नैनो जिंक और इफको नैनो कॉपर का छिड़काव भी कराया गया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में महादेव प्रसाद यादव, हर्ष यादव, शिवप्रसाद, मेलाराम सहित अन्य किसानों ने प्रतिभाग किया और खेती से जुड़ी तकनीकी जानकारी प्राप्त की।

 

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