‘ज्ञानेश कुमार को मिले भारत रत्न’, BJP प्रदेश अध्यक्ष की मांग पर गरमाई सियासत, माकपा ने किया पुतला दहन
रांची: झारखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार संवैधानिक जिम्मेदारियों का निर्वहन निष्पक्षता और कानून के मुताबिक कर रहे हैं। वहीं, कांग्रेस पर निशाना साधते हुए साहू ने आरोप लगाया कि पार्टी अपनी राजनीतिक विफलताओं को छिपाने के लिए चुनाव आयोग और दूसरी संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर रही है। वे गुरुवार को रांची के अपर बाजार स्थित माहेश्वरी धर्मशाला में आयोजित प्रबुद्धजनों के सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।ज्ञानेश कुमार के समर्थन में भारत रत्न देने की मांग
सम्मेलन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कामकाज की सराहना करते हुए उन्हें भारत रत्न से सम्मानित करने की मांग उठाई गई। कार्यक्रम में मौजूद प्रबुद्धजनों ने कहा कि राजनीतिक स्वार्थ के चलते ज्ञानेश कुमार पर निराधार आरोप लगाना संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा को नुकसान पहुंचाने जैसा है।
आदित्य साहू ने कहा कि कांग्रेस अपनी नाकामियों का ठीकरा चुनाव आयोग पर फोड़ने की कोशिश कर रही है, लेकिन देश की जनता उसके आरोपों और वास्तविकता को समझती है। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार ने अपने दायित्वों का जिस तरह निर्वहन किया है, उसके लिए उन्हें भारत रत्न दिया जाना चाहिए।
मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर कांग्रेस पर निशाना
आदित्य साहू ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में भी मतदाता सूची का पुनरीक्षण और संशोधन दस बार किया गया था, लेकिन उस समय इस प्रक्रिया पर सवाल नहीं उठाए गए। उन्होंने कहा कि यदि किसी मतदाता का नाम सूची से हट गया है तो कांग्रेस को केवल आरोप लगाने के बजाय संबंधित व्यक्ति और ठोस प्रमाण चुनाव आयोग के सामने रखने चाहिए।
उन्होंने कहा कि बयानबाजी से समस्या का समाधान नहीं होगा। सम्मेलन में प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी, महानगर अध्यक्ष वरुण साहू, जितेंद्र कुमार, नीरज चौधरी और मुकेश काबरा समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
तमाड़ में ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन, पुतला फूंका
एक ओर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने ज्ञानेश कुमार को भारत रत्न देने की मांग की, तो दूसरी ओर किसान सभा और माकपा ने उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। तमाड़ के बिनसाईडीह में आयोजित प्रदर्शन के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला दहन किया गया।
प्रदर्शन में माकपा राज्य सचिव मंडल के सदस्य और झारखंड राज्य किसान सभा के महासचिव सुफल महतो मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कथित कामकाज के खिलाफ पूरे देश में आवाज उठ रही है।

सुफल महतो ने सवाल उठाया कि यदि साढ़े 13 करोड़ मतदाताओं के नाम काटे गए हैं, तो क्या वे सभी बांग्लादेशी हैं? उन्होंने इस मामले में ज्ञानेश कुमार के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग भी की।
SIR को लेकर भाजपा पर लगाए आरोप
सुफल महतो ने आरोप लगाया कि मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा करने के बजाय विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की आड़ में भाजपा को चुनावी फायदा पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर रामलीला मैदान समेत देश के अलग-अलग हिस्सों में विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाए जाने तक आंदोलन जारी रहेगा। साथ ही उन्होंने 26 नवंबर को राजभवन के सामने आयोजित किसान महापड़ाव में लोगों से शामिल होने की अपील की।
प्रदर्शन के दौरान माकपा राज्य सचिव मंडल के सदस्य समीर दास, सुरेश मुंडा, जिला कमेटी सदस्य लोधरो मुंडा, जेहरू लाल मुंडा, किसान नेता सहदेव मुंडा, घासीराम स्वासी, विशेश्वर महतो, शिवेश्वर महतो, मनबोध मुंडा, पुष्कर मुंडा, भोंदू मुंडा, सुंदर लाल, सुबोध महतो, दुर्गा चरण मुंडा, शशिकला देवी, सुकुमनी देवी और बाबी देवी समेत कई लोग मौजूद रहे।
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