दिल्ली हादसे के बाद देहरादून में भी खतरे की घंटी! 7 जर्जर इमारतें खाली, 8 में अब भी रह रहे लोग
देहरादून: नई दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पांच मंजिला इमारत गिरने से 6 लोगों की मौत के बाद देहरादून में भी जर्जर और गिरासू भवनों को लेकर चिंता बढ़ गई है। रविवार दोपहर हुए इस हादसे के बाद देहरादून नगर निगम की ओर से चिह्नित किए गए 21 गिरासू भवनों की स्थिति फिर सवालों के घेरे में है। इनमें से 7 भवन खाली कराए जा चुके हैं, जबकि 8 में मकान मालिक और किरायेदार अब भी रह रहे हैं।
नई दिल्ली में डीयू के साउथ कैंपस के पास सत्य निकेतन इलाके में रविवार दोपहर पांच मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई थी। हादसे में 6 लोगों की मौत हुई, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। मलबे में कुछ और लोगों के दबे होने की आशंका जताई गई है। पुलिस ने इमारत के मालिक हरिराम के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।

देहरादून में लगातार बारिश के बीच गिरासू भवनों के ढहने का खतरा और बढ़ गया है। नगर निगम की ओर से इन भवनों के मालिकों और किरायेदारों को लगातार चेतावनी दी जा रही है। इसके बावजूद कई लोग जोखिम के बीच रहने को मजबूर हैं। ईई रजित कोटियाल के मुताबिक, सभी चिह्नित गिरासू भवनों के मालिकों और किरायेदारों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं।
सात भवन खाली, छह मामले अदालत में लंबित
नगर निगम के मुताबिक, शहर में चिह्नित 21 गिरासू भवनों में से 7 पूरी तरह खाली हो चुके हैं। वहीं, 8 भवनों में अभी भी मकान मालिक और किरायेदार रह रहे हैं। इसके अलावा 6 भवनों से जुड़े मामले अदालत में विचाराधीन हैं। ऐसे भवनों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
दून के कई इलाकों में चिह्नित हैं जर्जर भवन
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नगर निगम ने आढ़त बाजार, खदरी मोहल्ला, तिलक रोड, कैनाल रोड, मोती बाजार, गांधी रोड, खुड़बुड़ा, इंद्रेशनगर, कांवली रोड, पार्क रोड, कौलागढ़ रोड, बल्लीवाला चौक, एलआईसी बिल्डिंग चकराता रोड, मोहब्बेवाला इंडस्ट्रियल एरिया और सैय्यद मोहल्ला समेत शहर के कई इलाकों में गिरासू भवन चिह्नित किए हैं।
नदी-नालों के किनारे बसे इलाकों में भी खतरा
देहरादून में खतरा सिर्फ जर्जर इमारतों तक सीमित नहीं है। काठबंगला बस्ती, सपेरा बस्ती, चूना भट्ठा के आसपास और दून विहार समेत कई इलाकों में नदी-नालों के किनारे कच्चे और पक्के मकानों में लोग रह रहे हैं। बरसात के दौरान ऐसे इलाकों में भी जोखिम बढ़ जाता है।
डीएम डॉ. आशीष चौहान और नगर आयुक्त आलोक पांडेय के निर्देश पर जिला प्रशासन और नगर निगम की टीमें इन इलाकों में लोगों को सतर्क रहने की हिदायत दे रही हैं।

