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भारत को चाहिए सुजुकी जैसी 1,580 कंपनियां! जापान से बोले पीयूष गोयल- हमसे स्टील खरीदिए, भारत में निवेश बढ़ाइए

टोक्यो: जापान के निवेशकों को भारत में कारोबार बढ़ाने का न्योता देने पहुंचे केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने जापानी कारोबारी संगठनों के साथ हुई बैठक में भारत की निवेश क्षमता और बाजार की संभावनाओं को सामने रखा। उन्होंने कहा कि भारत में सुजुकी जैसी मुनाफे वाली 1,580 कंपनियों की जरूरत है। सुजुकी ने चार दशक में भारत में बड़ा और लाभदायक कारोबार खड़ा किया है। भारत चाहता है कि जापान की हर कंपनी यहां इसी तरह की सफलता की कहानी लिखे।

गोयल ने जापानी कंपनियों से भारत से स्टील खरीदने का आग्रह भी किया। उन्होंने कहा कि भारतीय कंपनियां अच्छी गुणवत्ता वाले उत्पाद तैयार कर रही हैं। उन्होंने भारत की युवा आबादी को देश की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि भारत की औसत कामकाजी उम्र 30 साल से कम है और आने वाले कई दशकों तक यह स्थिति बनी रहने की उम्मीद है।

इस दशक में जापानी कंपनियों की संख्या दोगुनी करने पर जोर

पीयूष गोयल ने कहा कि भारत से निकलने वाले कई कारोबार दुनिया के सबसे बड़े और सबसे अधिक मुनाफे वाले कारोबारों में शामिल हैं। उन्होंने इस दशक में भारत में जापानी कंपनियों की संख्या दोगुनी करने की जरूरत बताई।

उन्होंने कहा कि जापान भारत का पांचवां सबसे बड़ा प्रत्यक्ष विदेशी निवेशक है। भारत निवेश के लिए अपने दरवाजे खोल रहा है, लेकिन अपनी शर्तों और राष्ट्रीय हितों की कीमत पर नहीं।

1,500 से ज्यादा जापानी कंपनियों के संगठन से होगी बैठक

पीयूष गोयल 27 अगस्त तक जापान के दौरे पर हैं। इस दौरान वह नागोया और ओसाका भी जाएंगे। उनके साथ 200 से अधिक कारोबारी प्रतिनिधियों का दल भी मौजूद है।

टोक्यो में 1,500 से अधिक जापानी कंपनियों के संगठन केदानरेन के साथ भी बैठक प्रस्तावित है। दौरे के पहले दिन उन्होंने सुमितोमो कॉरपोरेशन के अध्यक्ष शिंगो उएनो से मुलाकात की। इस दौरान ऊर्जा, परिवहन और औद्योगिक ढांचे के क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा हुई।

गोयल के अनुसार, भारत में करीब 1,500 कानूनों को हटाया गया है और 29 श्रम कानूनों को चार श्रम संहिताओं में समेटा गया है। उन्होंने बताया कि पिछले वित्त वर्ष में भारत की वृद्धि दर 7.7 प्रतिशत रही।

भारत-जापान व्यापार में 15.4 अरब डॉलर का घाटा बड़ी चुनौती

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भारत और जापान के बीच 2025-26 में व्यापार 9.18 प्रतिशत बढ़कर 27.47 अरब डॉलर पहुंच गया। हालांकि, इस दौरान भारत का निर्यात केवल 6.03 अरब डॉलर रहा। दोनों देशों के बीच 15.4 अरब डॉलर का व्यापार घाटा भारत के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।

गोयल ने जापान के साथ व्यापार संबंधों को और संतुलित करने तथा भारत से निर्यात बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया।

2047 तक 30 लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री ने कहा कि भारत की करीब चार लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था को 2047 तक 30 लाख करोड़ डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि 1.4 अरब भारतीय इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

उन्होंने दोनों देशों से राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ को अगले दशक की कारोबारी साझेदारी को मजबूत करने के अवसर के रूप में इस्तेमाल करने की अपील की।

जापान में चीन पर इशारों में तंज

पीयूष गोयल ने चीन का नाम लिए बिना जापानी निवेशकों के सामने भारत को डाटा सेंटर के लिए भरोसेमंद ठिकाने के रूप में पेश किया। उन्होंने कहा कि भारत में कंपनियों के आंकड़े चोरी नहीं होंगे और बौद्धिक संपदा से समझौता नहीं किया जाएगा।

गोयल ने कहा कि भारत बौद्धिक संपदा का सम्मान करता है और उद्यमशीलता को प्रोत्साहित करता है। उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि जापानी कंपनियों को भारत में सफल होने और पैसा कमाने के बाद इस बात की चिंता नहीं करनी पड़ेगी कि कोई व्यक्ति एक दिन गायब हो जाए और बाद में किसी जापानी विश्वविद्यालय में प्रोफेसर के रूप में नजर आए। उनके मुताबिक, भारत में इस तरह का जोखिम नहीं है।

 

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