यूपी-बिहार के बीच बढ़ेगा बसों का नेटवर्क, नए हाईवे से जुड़ेंगे नए मार्ग; किराये में भी एकरूपता की तैयारी
लखनऊ: उत्तर प्रदेश और बिहार के बीच अंतरराज्यीय बस सेवा को और बेहतर बनाने की दिशा में योगी सरकार ने पहल की है। दोनों राज्यों के यात्रियों, खासकर सीमावर्ती जिलों में रहने वाले लोगों को बेहतर आवागमन सुविधा देने के लिए सोमवार को लखनऊ में उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह और बिहार के परिवहन मंत्री दामोदर रावत के बीच महत्वपूर्ण बैठक हुई। इसमें यूपी रोडवेज और बिहार राज्य पथ परिवहन निगम की बस सेवाओं के विस्तार और नए मार्गों पर विस्तार से चर्चा की गई।
2016 के परिवहन करार के तहत मौजूदा सेवाओं की समीक्षा

बैठक में वर्ष 2016 से प्रभावी उत्तर प्रदेश-बिहार अंतरराज्यीय परिवहन करार और मई 2026 में हुए इसके विस्तार के तहत तय 25 मार्गों पर वर्तमान में संचालित बस सेवाओं की समीक्षा की गई। इसके साथ ही बिहार राज्य पथ परिवहन निगम की ओर से बिहार के अलग-अलग जिलों से उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के लिए नई बस सेवाएं शुरू करने का प्रस्ताव भी रखा गया।
नए हाईवे और सड़क मार्गों से जुड़ेंगे बस रूट
पिछले कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश और बिहार के बीच कई नए हाईवे और सड़क मार्ग तैयार हुए हैं। अब इन नए मार्गों को अंतरराज्यीय बस सेवा से जोड़ने के लिए नए रूट निर्धारित किए जाएंगे। इस संबंध में जल्द ही दूसरे चरण की बैठक आयोजित करने पर सहमति बनी है। बिहार सरकार प्रस्तावित बस मार्गों का मानचित्र सहित विस्तृत विवरण जल्द उपलब्ध कराएगी।
सीमावर्ती जिलों के यात्रियों को मिलेगा सीधा फायदा
बैठक में दोनों राज्यों की जनता को सुगम और बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया। सीमावर्ती जिलों के यात्रियों के लिए बस सेवाओं का विस्तार करने और दोनों राज्यों के बीच आपसी सहयोग मजबूत करने पर सहमति बनी।
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इसके अलावा यूपी और बिहार की बस सेवाओं के किराये के निर्धारण में एकरूपता लाने पर भी सहमति बनी है। नए बस मार्गों का दोबारा परीक्षण करने और समान दूरी के आधार पर परिवहन करार करने पर भी विचार किया गया।
बिहार में यूपी रोडवेज की बसों को नहीं होगी परेशानी
बिहार सरकार की ओर से भरोसा दिलाया गया कि बिहार में उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों के संचालन में किसी तरह की बाधा या असुविधा नहीं आने दी जाएगी। दोनों राज्यों के परिवहन विभाग और परिवहन निगम के अधिकारी प्रस्तावित नए मार्गों का परीक्षण करेंगे और इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
दूसरे चरण की बैठक में तय होंगे नए मार्ग
बैठक में हुए निर्णयों के बाद अब प्रस्तावित नए मार्गों की व्यवहारिकता और यात्रियों की जरूरत का परीक्षण किया जाएगा। बिहार सरकार की ओर से मार्गों का विस्तृत विवरण मिलने के बाद दोनों राज्यों के अधिकारी नए रूट को अंतिम रूप देने की दिशा में आगे बढ़ेंगे। इससे यूपी-बिहार के बीच बस सेवा नेटवर्क के और मजबूत होने की उम्मीद है।

