रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय की डाॅ. प्रिया सक्सेना, गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय बिहार में सम्मानित

बरेली, 04अक्टूबर। महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय बरेली के प्राचीन इतिहास एवं संस्कृति विभाग की डॉ प्रिया सक्सेना द्वारा माननीय कुलपति आचार्य डॉ अनिल कुमार राय जी की प्रेरणा से अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना के दशम युवा इतिहासकार द्विदिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय जमुहार सासाराम बिहार में दिनांक 3 और 4 अक्टूबर को प्रतिभाग किया l डॉ प्रिया द्वारा जनजातीय इतिहास लेखन की भारतीय परंपरा विषय के शैक्षणिक सत्र में अध्यक्षता की गयी तथा सम्मान प्राप्त किया l इस सत्र में जनजातीय समुदायों विशेषकर राजस्थान की भील जनजाति, उड़ीसा की जनजाति तथा बिहार के रोहतास जिले में रह रही जनजातीयओं के सामाजिक धार्मिक तथा लोक पारंपरिक जीवन पर भारत के विभिन्न क्षेत्रों से आए शिक्षक तथा शोधार्थियों द्वारा शोध पत्र प्रस्तुत किए गए l यह संगोष्ठी इतिहास लेखन की भारतीय परम्परा के मुख्य विषय पर अयोजित की गयी। जिसके उदघाटन सत्र कुलाधिपति गोपाल नारायण सिंह पूर्व सांसद, इतिहास संकलन योजना के राष्ट्रीय संगठन मंत्री डॉ बालमुकुंद पांडे, सह संगठन मंत्री श्री संजय श्रीहर्ष, बेसिक शिक्षा मंत्री बिहार श्री मिथिलेश तिवारी, उच्च शिक्षा मंत्री बिहार श्री संजय टाइगर सभी सम्मानित विद्वतजन द्वारा इतिहास संकलन योजना के माध्यम से इतिहास के पुनरलेखन के कार्य को देशभर के इतिहासकारों द्वारा किये जाने पर मार्गदर्शन किया गया l अकादमिक सत्र में भारत के जनजातीय वर्ग के इतिहास तथा सामाजिक जीवन के लेखन को लोक परंपरा, लोक कथायें, लोक देवी देवता, प्रकृति उपासना, टोटम प्रतीक एवं गुफा चित्रकारी के साथ प्रदर्शित करते हुए शोध पत्रों का वाचन किया गया l वर्तमान इतिहास तथा प्राचीन पारम्परिक जनाजातीय स्वरुप को जानने के लिए यह चिंतन अति आवश्यक है l वैदिक काल में जन की अवधारणा, पुराणों, ऐतिहासिक ग्रंथो, रामायण काल के वनवासी समुदाय तथा निषाद राज जैसे विभिन्न विषयो पर शोध के साथ यह सत्र से भारतीय सामाजिक जीवन की विरासत एवं लोकजीवन के भविष्य में किये जाने वाले अनुसंधान के लिए मार्ग प्रशस्त करेगा l

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बरेली से अखिलेश चन्द्र सक्सेना की रिपोर्ट
